Monday, August 16, 2021

Father is landlord officially but partition of land among sons took place 20 years ago, now land is kept as mortgage to bank by father

 Whether it is not necessary that matter be clarified to Bank by the concerned staffs of the department revenue instead of preferring to remain silent?






संदर्भ संख्या : 40019921014043 , दिनांक - 16 Aug 2021 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-40019921014043

आवेदक का नाम-Kamlesh Singhविषय-श्री मान जी इस शिकायत के साथ संलग्न दस्तावेज के साथ प्रथम पेज खाता संख्या १३६ का विवरण है द्वितीय पेज आपके लेखपाल की रिपोर्ट है जो उन्होंने शिकायत संख्या:-40019921010584 में लगा कर निस्तारित कराये  है अब आप खाता संख्या १३६ के सम्बन्ध में पारित आदेश का अवलोकन करे शाखा प्रबंधक इलाहाबाद यू पी ग्रामीण बैंक शाखा श्री निवासधाम दिनांक २६/०२/२०२१८ तहसीलदार सदर दिनांक ०५/०३/२०१८ ग्राम कोठरा मांडा के खाता संख्या १३६ पर दर्ज खातेदार रघुवर दयाल सिंह पुत्र भानु प्रताप सिंह के हिस्से की भूमि बैंक के पक्ष में बंधक की जाती है हस्ताक्षर दिनांक ०५/०३/२०१८ श्री मान जी प्रार्थी कमलेश सिंह और विधवा किरन सिंह ने कोई कर्ज नहीं लिया है रघुवर दयाल सिंह स्पस्ट करे की वह कर्ज क्यों लिए श्री मान जी हम लोगो का बटवारा ०४ अप्रैल २००१ को मौखिक तौर पर           श्री मान जी उपरोक्त भूखंड को बंधक मुक्त करिये हमे और विधवा को न्याय दीजिए श्री मान जी रघुवर दयाल सिंह पूर्वजो  से प्राप्त जमीन के संरक्षक है न की मालिक क्योकि वह उनकी कमाई नहीं है नहीं है और अब सभी लड़के बयस्क है व्यक्तिगत लाभ की लिए सामूहिक जमीन को बंधक नहीं रखा जा सकता है संदर्भ संख्या : 40019921010584 , दिनांक - 31 Jul 2021 तक की स्थिति आवेदनकर्ता का विवरण : शिकायत संख्या:-40019921010584आवेदक का नाम-Kiran Singhविषय-An application under Article 51 A before the sub divisional magistrate Sadar to seek justice for itself and others aggrieved.  Applicant kindly informs that applicant is a widow and peace loving woman whose address is as follows. Name of the aggrieved-Kiran Singh W/O Late Mr. Jagdish Singh Address- Village - Kothara Kantit, Balua, Post- Shree Nivas Dham, Police station -Jigana, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, PIN Code-231313    Name of the second aggrieved- कमलेश सिंह पुत्र रघुबर दयाल सिंह पता - ग्राम कोठरा कंतित , पोस्ट श्री निवासधाम जिला मिर्ज़ापुर थाना जिगना पिन कोड २३१३१३Applicant is facing daily quarrels because of two brothers of the husband and father-in-law who is still alive, whose name is Raghuvar Dayal Singh. As there are four sons of the father-in-law and two of them having patronage of the father-in-law conspire against aforementioned aggrieved resulting in serious physical assaults on our families which may cause fatal to our family members. Honourable Sub divisional magistrate Sadar, the applicant kindly informs that partition of the hereditary land took place in our family i.e. among four brothers took place on 04 April 2001 unanimously which means our partition of the land is 20 years old. This year they under the immoral suggestion of my father-in-law, again made the partition of the land arbitrarily not accepted to us so resulted in serious physical assault on our family members reported to the police station regarding repeated physical assaults this year. This is a humble request of this widow Kiran Singh that either status quo of partition dated 04 April 2001 may be kept intact or Honourable Sub Divisional Magistrate Sadar may direct his subordinates to dispose of the matter as required under law, but every thing must be fair and stable. Sir, how can it be justified that land may be prepared for cultivation by ploughing and putting fertilizers into the fields, then father-in-law may again divide the land and our prepared land may be given to his sons to whom favour his biased blessings are flowing. Undoubtedly he must be impartial to the matter, but he is playing a key role in the controversies. He himself instigate the opposition to assault on our kith and kins. Undoubtedly he must be impartial to the matter as most revered to us God may provide him rational mind. O God save

विभाग -राजस्व एवं आपदा विभागशिकायत श्रेणी -

नियोजित तारीख-15-08-2021शिकायत की स्थिति-

स्तर -तहसील स्तरपद -तहसीलदार

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -दिनांक16-08-2021 को फीडबैक:-महोदय तहसीलदार सदर की रिपोर्ट पूर्ण रूप से असंगत है क्योकि निस्संदेह कागजी तौर पर जमीन रघुवर दयाल सिंह के नाम है और उनकी मौत के पश्चात् स्वतः सभी उत्तराधिकारी सहखातेदार जायेगे किन्तु महोदय यदि रघुवर दयाल सिंह डिफाल्टर होते है तो हमारे हिस्से की जमीन जिसको हम अपना समझते है उसकी भी नीलामी होगी जब की बैंक का कर्ज रघुवर दयाल सिंह ने एक बेटे को दिया यह न्याय सांगत कैसे हो सकता है श्री मान जी ऐसा प्रतीत होता है भ्र्ष्टाचार ने आप लोगो के विवेक को नष्ट कर दिया है यहां पर रघुवर दयाल सिंह को स्पस्ट करना होगा की उन्होंने किस लड़के के लिए वह कर्ज लिया है और उनके मरणोपरांत वही लड़का उस कर्ज को सम्बंधित बैंक को अदा करेगा कृपया मामले में कार्यवाही आगे बढाए और कार्यालय से बाहर निकल कर स्थलीय भ्रमण करके वस्तु स्थित से अवगत हो सभी भाई अपने जमीन पर काबिज है बैंक के अधिकारी ने बैंक को गुमराह किया और आप ने सरकार को गुमराह किया है यह पैसा आप का डूब जाएगा अर्थात बैंक और सरकार दोनों की मुश्किलें बढ़ेगी तुरंत कार्यवाही करेंगे तो हल निकलेगा और जेब के बारे में सोचेंगे तो हर किसी को परेशानी बढ़ेगी किन्तु आप लोगो को कोई परेशानी नहीं होगी क्योकि न तो बैंक स्टाफ की बैंक के प्रति कोई निष्ठां है और न आप की सरकार के प्रति कोई निष्ठां है यदि कोई चिंता है तो सिर्फ अपनी जेब भरने की और उसके लिए बिबाद पैदा करने न की उसे हल करके काम करने की एक दिन रघुवर दयाल सिंह सारे जमीनों पर कर्ज ले कर एक लड़के को दे देंगे और आप कहेंगे जमीन उनके नाम पर है मेरे अधिकार सुरक्षित नहीं है इस आराजकता में मामला मानवाधिकार आयोग में उठाया जाएगा

फीडबैक की स्थिति -फीडबैक प्राप्त

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नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश/आपत्ति दिनांक आदेश/आपत्ति आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति संलगनक

1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 31-07-2021 तहसीलदार-सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग 11-08-2021 आख्या अपलोड कर सेवा में सादर अवलोकनार्थप्रेषित निस्तारित