Friday, December 30, 2022

If entire energy of Modi government will waste to shield corruption and corrupt elements, then how the corruption in R.T.O. will be curbed?

Aforementioned report submitted by chief minister office of Government of Uttar Pradesh on the public grievance portal in the following grievance. 

Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2019/0350657

Grievance Concerns To

Name Of Complainant

Yogi M P Singh

Date of Receipt

28/06/2019

Received By Ministry/Department

Prime Ministers Office

Grievance Description

देखिये आर. टी. ओ. मिर्ज़ापुर ने वित्तीय वर्ष २०१८-२०१९ में ४६५ चालक लाइसेंस का शुल्क कैश के रूप में लिया है और इस तरह से ९७५५० रुपये शुल्क कॅश के रूप में कलेक्ट किया गया अर्थात उपरोक्त आवेदनों को ऑफ़ लाइन प्रोसेस किया गया और यह तब किया गया जब की प्रार्थी से न तो शुल्क कैश के रूप में लिया गया और नहीं बैंक ड्राफ्ट के रूप में लिया गया और चौकाने वाले तथ्य उपरोक्त से स्पष्ट है की औसत प्रति चालक लाइसेंस शुल्क -२०९ रुपये ७९ पैसे है

देखिये आर. टी. ओ. मिर्ज़ापुर ने वित्तीय वर्ष २०१८-२०१९ में ११२८८० चालक लाइसेंस का शुल्क ऑनलाइन लिया है और इस तरह से २५११६५१५ रुपये शुल्क ऑनलाइन कलेक्ट किया गया अर्थात उपरोक्त आवेदनों को ऑनलाइन प्रोसेस किया गया और चौकाने वाले तथ्य उपरोक्त से स्पष्ट है की औसत प्रति चालक लाइसेंस शुल्क -२२२ रुपये ५१ पैसे है 25116515/112880 = 222.5063341601701

श्री मान जी आप अब यह सोचिये जो ३००० रुपये से ५००० रुपये प्रति चालक लाइसेंस वसूली होती है वह कहा जाता है

श्री मान जी कम से कम चालक लाइसेंस शुल्क जो सड़क परिवहन कार्यालय मिर्ज़ापुर द्वारा वसूला जाता है श्री मान जी एक महीने से टालमटोल हो रहा है अभी तक चालक लाइसेंस बैकलॉग अनुमोदित किया गया है शुल्क डिटेल तक फीड नहीं किया गया और महीने भर से कहा जा रहा है शुल्क जमा कर स्लॉट बुक करा ले हास्यास्पद कहते है मानवी हस्तक्षेप से रहित है पूरा प्रक्रम


श्री मान जी क्या यह रिपोर्ट निम्न शिकायत के विन्दुओं से मेल खाती है लेट फीस माफी के परिवहन आयुक्तक महोदय के पत्र दिनांक 29-04-2019 प्राप्त हुये है। अत: आप ऑन लाइन फीस जमा कर नियत तिथि को कार्यालय में उपस्थित होकर बायोमैट्रिक करा सकते है।

Grievance Document

Current Status

Case closed   

Date of Action

24/07/2019

Remarks

अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित ,अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित ,शिकायत में उल्लिखित शिकायत की आख्‍या संलग्‍न कर सादर प्रेषित है।

Reply Document

Officer Concerns To

Officer Name

Shri Bhaskar Pandey (Joint Secretary)

Organisation name

Government of Uttar Pradesh

Contact Address

Chief Minister Secretariat , Room No. 321, U.P. Secretariat, Lucknow

Email Address

bhaskar.12214@gov.in

Contact Number

05222226350 

For supportive documents, vide attached documents by clicking on this link

Gmail Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>

Roads are in dilapidated state but most surprising is that now penalties are imposed 10 times than earlier government.

1 message

Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com> 9 September 2019 at 21:51

To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in

Sir, transport ministry, Government of India has enhanced the penalties 10 times but in the name of development, nothing is being done by the government which quite obvious from the attached photographs of national high way number seven.


Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of Hon’ble Sir with due respect to the following submissions as follows.


1-It is being submitted before the Hon’ble Sir that your subordinate ministry made the manifold increase in the penalties imposed on those who violate the rules made by the accountable public functionaries. Think about the gravity of the situation that huge amounts are being recovered from people, which must be spent on the developmental activities but such dilapidated state is only articulating the true story.


2-It is submitted before the Hon’ble Sir that motive to increase the penalties ten times is only to promote acts of development but it seems that those roads already made, government functionaries are unable to keep them in their normal condition even when these high ways are sources of the huge public fund.


3-It is being submitted before the Hon’ble Sir that penalties imposed on the citizenry can be instrumental in development if it may reach to public treasury but if it will reach to the pockets of the corrupt public functionaries then even for disbursement of salary, government would request before the world bank for the loan.


Gmail


Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>


Daily one Lakh revenue loss is occurred to the roadways because of the unauthorised private vehicles plying on the roads from illegal private stands.


Mahesh Pratap Singh Yogi M P Singh <yogimpsingh@gmail.com>


27 July 2019 at 15:40


To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, supremecourt <supremecourt@nic.in>, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, cmup <cmup@up.nic.in>, hgovup@up.nic.in, csup@up.nic.in, uphrclko <uphrclko@yahoo.co.in>, lokayukta@hotmail.com, RTO Mirzapur <rtomi-up@nic.in>, atce-up@nic.in, cctco-up@nic.in, dtclegal-up@gov.in, dtcva-up@nic.in, tc-up@nic.in

Hon'ble Sir be apprised with the fact that following is the feedback in regard to the complaint 

शिकायत संख्या-60000190065015  आवेदक कर्ता का नाम:Yogi M. P. Singh as it was disposed of by the concerned public authority through its usual bogus report dated 04-July-2019 which can be perused as below. It is most unfortunate that when I made efforts in order to submit feedback as the grievance was disposed of but message displayed on the screen of the computer that feedback would be taken after the disposal of the grievance but I know that this message only restrained me from submitting feedback as the matter is concerned with the deep rooted corruption. 

श्री मान जी रोड वेज़ परिसर के पास तीन चार स्टैंड अवैध ढंग से संचालित हो रहे है जिनकी वीडियो ग्राफी करा के रोडवेज़ के प्रबंधक ने कार्यवाही की मांग की किन्तु मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई | सहायक सड़क परिवहन अधिकारी मिर्ज़ापुर का कहना है की १०३ गाड़ियों का परमिट है जब की अकेले इन तीन अवैध स्टैंडो से १५० से अधिक बिना परमिट की गाड़ियों का सञ्चालन हो रहा है | रिपोर्ट में दो यात्री कर अधिकारिओं को इन मार्गो पर चौकसी वरतने के लिए | श्री मान जी पहले भी तो ये अधिकारी चौकसी वरत रहे थे और जिले में भारी संख्या में बिना परमिट के गाड़ियों का संचालन धड़ल्ले से जारी था | मैंने तो सोचा था शासन में बैठे उच्च पदस्थ अधिकारी जान कर आश्चर्य चकित होंगे और कारण बताओं नोटिस जारी करेंगे किन्तु ऐसा प्रतीत होता है की  भारी संख्या में बिना परमिट के गाड़ियों का संचालन सभी के संज्ञान में है इसी लिए तो महज औपचारिकता पूरी करने वाला रिपोर्ट लगा कर मामले से इतिश्री कर ली गई क्यों की इन गाडिओं के चलने से पिछले दरवाजे से होने वाले आय में वृद्धि होती है | वैसे योगी जी ने कई सड़क परिवहन अधिकारिओं पर शिकंजा कसा है लेकिन वह तो ऊट के मुँह में जीरा जैसा रहा | गरीबो बेरोजगारों को न्याय तभी संभव है जब काली कमाई पर अंकुश हो और समस्त धन का प्रवाह लोक खजाने की ओर हो | लगभग 8 महीना बीतने को है पूछिए रोड वेज़ बस प्रबंधक से एक लाख पर डे का लॉस  रुका यदि नहीं तो क्यों | 


https://www.yogi.systems/2019/07/whether-in-good-governance-matters.html

4-It is being submitted before the Hon’ble Sir that 

Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2019/0350657


Grievance Concerns To


Name Of Complainant -Yogi M P Singh Date of Receipt -28/06/2019


Received By Ministry/Department -Prime Ministers Office


Grievance Description


देखिये आर. टी. ओ. मिर्ज़ापुर ने वित्तीय वर्ष २०१८-२०१९ में ४६५ चालक लाइसेंस का शुल्क कैश के रूप में लिया है और इस तरह से ९७५५० रुपये शुल्क कॅश के रूप में कलेक्ट किया गया अर्थात उपरोक्त आवेदनों को ऑफ़ लाइन प्रोसेस किया गया और यह तब किया गया जब की प्रार्थी से न तो शुल्क कैश के रूप में लिया गया और नहीं बैंक ड्राफ्ट के रूप में लिया गया और चौकाने वाले तथ्य उपरोक्त से स्पष्ट है की औसत प्रति चालक लाइसेंस शुल्क -२०९ रुपये ७९ पैसे है देखिये आर. टी. ओ. मिर्ज़ापुर ने वित्तीय वर्ष २०१८-२०१९ में ११२८८० चालक लाइसेंस का शुल्क ऑनलाइन लिया है और इस तरह से २५११६५१५ रुपये शुल्क ऑनलाइन कलेक्ट किया गया अर्थात उपरोक्त आवेदनों को ऑनलाइन प्रोसेस किया गया और चौकाने वाले तथ्य उपरोक्त से स्पष्ट है की औसत प्रति चालक लाइसेंस शुल्क -२२२ रुपये ५१ पैसे है 25116515/112880 = 222.5063341601701 श्री मान जी आप अब यह सोचिये जो ३००० रुपये से ५००० रुपये प्रति चालक लाइसेंस वसूली होती है वह कहा जाता है श्री मान जी कम से कम चालक लाइसेंस शुल्क जो सड़क परिवहन कार्यालय मिर्ज़ापुर द्वारा वसूला जाता है श्री मान जी एक महीने से टालमटोल हो रहा है अभी तक चालक लाइसेंस बैकलॉग अनुमोदित किया गया है शुल्क डिटेल तक फीड नहीं किया गया और महीने भर से कहा जा रहा है शुल्क जमा कर स्लॉट बुक करा ले हास्यास्पद कहते है मानवी हस्तक्षेप से रहित है पूरा प्रक्रम श्री मान जी क्या यह रिपोर्ट निम्न शिकायत के विन्दुओं से मेल खाती है लेट फीस माफी के परिवहन आयुक्तक महोदय के पत्र दिनांक 29-04-2019 प्राप्त हुये है। अत: आप ऑन लाइन फीस जमा कर नियत तिथि को कार्यालय में उपस्थित होकर बायोमैट्रिक करा सकते है।


Grievance Document


Current Status -Grievance Received Date of Action -28/06/2019


Officer Concerns To  Forwarded to -Prime Ministers Office Officer Name -Shri Ambuj Sharma


Officer Designation -Under Secretary (Public)


Contact Address -Public Wing 5th Floor, Rail Bhawan New Delhi


Email Address -ambuj.sharma38@nic.in Contact Number -011-23386447


Pasted from <https://pgportal.gov.in/Status/Detail>

                            

This is a humble request of the applicant to you, Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos in an arbitrary manner by making the mockery of law of land? There is need of hour to take harsh steps against the wrongdoer in order to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray you, Hon’ble Sir.                                                          Yours sincerely


  Date-09/09/2019                                            Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911, Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.

To see the pictures of third grade roads , click on the link