Monday, December 26, 2022

Crops burnt of farmers due to short circuit during the covid period is not being compensated by Yogi Adityanath Government cryptically

It seems that local office Mirzapur comes under the ambit of Executive Engineer Electricity Distribution Division II, Mr. A. K. Singh is controlled by anarchy.

 89 <89@xmug.onmicrosoft.com>

Mon 26/12/2022 12:23
  • cmup@nic.in <cmup@nic.in>;
  • Governor Uttar Pradesh <hgovup@gov.in>;
  • csup@nic.in <csup@nic.in>;
  • uphrclko@yahoo.co.in <uphrclko@yahoo.co.in>;
  • RTI-Online <onlinertihelpline.up@gov.in>;
  • supremecourt <supremecourt@nic.in>;
  • czepuvvnlmirzapur@gmail.com <czepuvvnlmirzapur@gmail.com>;
  • seworkmirzapur@gmail.com <seworkmirzapur@gmail.com>;
  • seworkmirzapur@gmail.com <seworkmirzapur@gmail.com>;
  • Connect@mygov.nic.in <Connect@mygov.nic.in>

With due respect, the applicant invites the kind attention of the Honourable Sir to the following submissions as follows.
1-I pray before the Honourable Sir that Article 51A. Fundamental duties It shall be the duty of every citizen of India (a) to abide by the Constitution and respect its ideals and institutions, the National Flag and the National Anthem;(h) to develop the scientific temper, humanism and the spirit of inquiry and reform.
(i) to safeguard public property and to abjure violence.

(j) to strive towards excellence in all spheres of individual and collective activity so that the nation constantly rises to higher levels of endeavour and achievement.

2-It is submitted before the Honourable Sir that आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-40019922028459

आवेदक का नाम-Yogi M P Singhविषय-Circular letter number-2828 dated -25 September 2021 office memo of Uttar Pradesh Power corporation limited is attached as page 2 of the attached PDF document.  श्रीमान जी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय मिर्जापुर एके सिंह उपरोक्त कार्यालय मेंमो  के आधार पर प्रार्थी दयानंद सिंह पुत्र शोभनाथ सिंह का छतिपूर्ति नहीं देना चाहते हैं श्रीमान जी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड का उपरोक्त मेमो की तिथि 25 सितंबर 2021 है जबकि फसल जलने की तिथि 18 अप्रैल 2021 है और लेखपाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट दिनांक 15 जून 2021 है जिसको कानूनगो द्वारा अग्रसारित किया गया है 19 जून 2021 को अर्थात श्रीमान जी जिस सर्कुलर की बात की जा रही है वह बाद की तिथि का है श्रीमान जी क्या उपरोक्त मेमो को आधार बनाकर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय श्रीमान एके सिंह द्वारा प्रार्थी दयानंद सिंह का क्षतिपूर्ति रोकना मनमाना अवैध असंवैधानिक और तानाशाही प्रवृत्ति को नहीं दर्शाता क्या भ्रष्टाचार का कोई दूसरा उदाहरण होगा इनको जब हम भ्रष्टाचारी कहते हैं तो ए छन छना पङते हैं किंतु सच्चाई तो यह है कि यह किसी भी बात पर सही ढंग से जा ही नहीं रहे इनकी हर कार्यशैली भ्रष्टाचार से परिपूर्ण है इनको यह स्पष्ट करना चाहिए कि सितंबर और अप्रैल महीने के बीच कई महीने आते हैं और यदि यह क्षतिपूर्ति दे दी गई होती तो इस परिपत्र का आधार ही ना बनता है जिस परिपत्र के आधार पर क्षतिपूर्ति रोक रहे हैं श्रीमान जी यह प्रकरण उस समय का है जब कोरोनावायरस अपने चरम पर था सभी अपने घरों में रहने के लिए वाध्य थे और लोगों के बाहर निकालने पर पाबंदी थी हर जगह पुलिस पेट्रोलिंग हो रही थी ऑफिसों में कम से कम कर्मचारी आ रहे थे और यह रिपोर्ट खुद तहसीलदार महोदय द्वारा प्रस्तुत की गई है उस समय योगी आदित्यनाथ की व्यवस्था के अनुसार गांव में खुद ग्राम विकास अधिकारी हर वक्त मौजूद रहते थे जो भी घटना होती थी वही सूचना देते थे और उसी के आधार पर लेखपाल द्वारा यह रिपोर्ट लगाई गई है यही इस प्रकरण का कठोर सत्य है किंतु भ्रष्टाचार के कारण उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा क्षतिपूर्ति ना देने के लिए वह मनमाना परिपत्र बाद में लाया गया जिससे कि दयानंद सिंह की क्षतिपूर्ति को रोका जा सके श्रीमान जी सभी जानते हैं कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड में कितना ज्यादा भ्रष्टाचार है उसके अधिकारी और कर्मचारी कितने भ्रष्ट हैं जिलाधिकारी महोदय इस बात को संज्ञान में लें और मामले में एक उच्चस्तरीय जांच कराएं तथा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए जिलाधिकारी महोदय यह घटना सिर्फ नमूना मात्र है ऐसी कई घटनाएं हैं 

For more details, visit the following link.

Sanctioned amount by Tehsil Sadar in electrical accident of covid period has been neglected by Executive Engineer by retrospection of memo

 

3-I pray before the Honourable Sir that Circular letter number-2828 dated -25 September 2021 office memo of Uttar Pradesh Power corporation limited was brought up by the directors of the U.P.P.C.L. to block the compensations of the farmers whose crops were burnt in electrical accidents during covid pandemic ipso facto.

4-It is submitted before the Honourable Sir that 

According to the rule of land, if the report of Tehsil Sadar is not conforming to the setup norms then it must be returned to them for rectification.

For more details, visit the following link.

UPPCL is procrastinating to compensate Dayanand Singh in electrical accident, report of Tehsil Sadar is defective, but they are not intimated

5-I pray before the Honourable Sir that bribe Rs.5000 demanded from Prem Shankar obvious from the following email sent to applicant as well as department of electricity.

Prem Shankar. prem15786@gmail.com Tue, Jul 12, 2022, at 5:03 PM

To: myogimpsingh@gmail.com

Cc: czepuvvnlmirzapur@gmail.comseworkmirzapur@gmail.com seworkmirzapur@gmail.com

Dear sir

Good evening

Mai Prem Shankar Village Naugaon Post Nadini Dist. Mirzapur.

For more details, visit the following link.

Think about honesty of Yogi government that department of U.P.P.C.L. is demanding Rs.5000 as bribe to join the disconnected connection

बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफी है/

हर शाख पे उल्लू बैठें हैं अंजाम ऐ गुलिस्तां क्या होगा।

 ‘
बर्बाद ऐ गुलशन कि खातिर बस एक ही उल्लू काफी था/

हर शाख पर उल्लू बैठा है अंजाम ऐ गुलशन क्या होगा।

This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos arbitrarily by making a mockery of the law of the land? There is a need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer to win the confidence of the citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray to you, Hon’ble Sir.

Date-26/12/2022                                                                  Yours sincerely


                                                                                    
Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911,

 

Mohalla- Surekapuram Colony, Shri Laxmi Narayan Baikunth Mahadev Mandir, Riva Road, District-Mirzapur, Uttar

 Pradesh, Pin code-231001.

Re: It seems that local office Mirzapur comes under the ambit of Executive Engineer Electricity Distribution Division II, Mr. A. K. Singh is controlled by anarchy.

Chief Minister Office Uttar Pradesh <cmup@nic.in>
Mon 26/12/2022 12:25
  • 89 <89@xmug.onmicrosoft.com>

प्रिय महोदय,
        आपका ईमेल मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ईमेल पर प्राप्त हुआ है.  यदि आपका ईमेल जनशिकायत श्रेणी का है तो आपको सविनय अवगत कराना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय, उ०प्र० द्वारा जनता की शिकायतों को दर्ज किए जाने हेतु उ०प्र० सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल 'जन-सुनवाई' विकसित किया गया है जिसका वेब एड्रेस नीचे दिया गया है -
https://jansunwai.up.nic.in
आपसे निवेदन है कि अपनी शिकायतों के त्‍वरित निस्‍तारण हेतु जनसुनवाई पोर्टल का प्रयोग करें
ध‍न्‍यवाद।
मुख्‍यमंत्री कार्यालय, उ०प्र०
नोट- वेबसाइट या जनसुनवाई के मोबाइल app के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की गयी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा भी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गहनता से की जाती है |
जनसुनवाई मोबाइल app डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें|
https://play.google.com/store/apps/details?id=in.nic.up.jansunwai.upjansunwai
शिकायत के वेबसाइट पर दर्ज होने के पश्चात की प्रक्रिया -
 आपके मोबाइल पर sms/ईमेल के माध्यम से चौदह अंकों की शिकायत/सन्दर्भ पंजीकरण संख्या प्राप्त होगी | इस पंजीकरण संख्या एवं दर्ज मोबाइल नंबर/ईमेल के माध्यम से आप किसी भी समय अपनी शिकायत की स्थिति सीधे वेबसाइट या मोबाइल app पर देख सकते हैं एवं निस्तारण के पश्चात निस्तारण आख्या भी देख सकते हैं |
 इसके अतिरिक्त किसी भी स्तर पर शिकायत के अधिक समय तक लंबित रहने पर आप अपनी शिकायत का रिमाइंडर भी भेज सकते हैं तथा निस्तारण आख्या से असंतुष्टि की दशा में अपना फीडबैक भी पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं| आपके फीडबैक का मूल्यांकन निस्तारणकर्ता अधिकारी से एक स्तर उच्च अधिकारी द्वारा किया जाएगा|
मूल्यांकन में आपकी आपत्तियों से सहमति की दशा में आपका संदर्भ/शिकायत पुनर्जीवित हो जायेगी, तथा उसका पुनः परीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा|