Executive engineer EDD II Rajesh Kumar submitted arbitrary and inconsistent report accepted by chief minister office reflects rampant corruption

संदर्भ संख्या : 60000230098280 , दिनांक - 03 Jun 2023 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-60000230098280

आवेदक का नाम-Yogi M. P. Singh

विषय-कोरोनावायरस के समय की किसानो की विद्युत दुर्घटना की छति पूर्ति उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन द्वारा भ्र्ष्टाचार पूर्ण तरीके से बाधित करना और हजम करना और उनका मनमाना रवैया Circular letter number-2828 dated -25 September 2021 office memo of Uttar Pradesh Power corporation limited is attached as page 2 of the attached PDF document. श्रीमान जी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय मिर्जापुर एके सिंह उपरोक्त कार्यालय मेमो के आधार पर प्रार्थी दयानंद सिंह पुत्र शोभनाथ सिंह का छतिपूर्ति नहीं देना चाहते हैं श्रीमान जी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड का उपरोक्त मेमो की तिथि 25 सितंबर 2021 है जबकि फसल जलने की तिथि 18 अप्रैल 2021 है और लेखपाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट दिनांक 15 जून 2021 है जिसको कानूनगो द्वारा अग्रसारित किया गया है 19 जून 2021 को अर्थात श्रीमान जी जिस सर्कुलर की बात की जा रही है वह बाद की तिथि का है श्रीमान जी क्या उपरोक्त मेमो को आधार बनाकर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय श्रीमान एके सिंह द्वारा प्रार्थी दयानंद सिंह का क्षतिपूर्ति रोकना, मनमाना अवैध असंवैधानिक और तानाशाही प्रवृत्ति को नहीं दर्शाता क्या भ्रष्टाचार का कोई दूसरा उदाहरण होगा इनको जब हम भ्रष्टाचारी कहते हैं तो ए छन छना पङते हैं किंतु सच्चाई तो यह है कि यह किसी भी बात पर सही ढंग से जा ही नहीं रहे इनकी हर कार्यशैली भ्रष्टाचार से परिपूर्ण है इनको यह स्पष्ट करना चाहिए कि सितंबर और अप्रैल महीने के बीच कई महीने आते हैं और यदि यह क्षतिपूर्ति दे दी गई होती तो इस परिपत्र का आधार ही ना बनता है जिस परिपत्र के आधार पर क्षतिपूर्ति रोक रहे हैं श्रीमान जी यह प्रकरण उस समय का है जब कोरोनावायरस अपने चरम पर था सभी अपने घरों में रहने के लिए वाध्य थे और लोगों के बाहर निकालने पर पाबंदी थी हर जगह पुलिस पेट्रोलिंग हो रही थी ऑफिसों में कम से कम कर्मचारी आ रहे थे और यह रिपोर्ट खुद तहसीलदार महोदय द्वारा प्रस्तुत की गई है उस समय योगी आदित्यनाथ की व्यवस्था के अनुसार गांव में खुद ग्राम विकास अधिकारी हर वक्त मौजूद रहते थे जो भी घटना होती थी वही सूचना देते थे और उसी के आधार पर लेखपाल द्वारा यह रिपोर्ट लगाई गई है यही इस प्रकरण का कठोर सत्य है किंतु भ्रष्टाचार के कारण उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा क्षतिपूर्ति ना देने के लिए वह मनमाना परिपत्र महोदय प्रकरण का संबंध दयानंद सिंह पुत्र सोमनाथ सिंह ग्राम नीबी गहरवार पोस्ट निबी गहरवार जिला मिर्जापुर से नहीं है बल्कि प्रकरण का संबंध उस कार्यालय मेंमो से है जिसका कार्यालय द्वारा मिस यूज किया जा रहा है श्रीमान जी आप द्वारा उस कार्यालय मेमो का दुरुपयोग किया जा रहा है जो असंवैधानिक है अवैध है श्रीमान जी कोई भी गलत काम करना जो नियम के अनुसार नहीं है भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है यदि वह किसी को फायदा पहुंचाए या हानि पहुंचाए यहां पर कार्यालय मेमो का दुरुपयोग किया गया है इसलिए यह भ्रष्टाचार के श्रेणी में आता है और जहां पर भ्रष्टाचार की बात है प्रार्थी एक भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा है मानवाधिकार रक्षक है इसलिए प्रार्थी अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा आप द्वारा यह कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार जैसे शब्दों का मै इस्तेमाल कर रहा हूं श्रीमान जी यदि भ्रष्टाचार होगा तो क्या मैं भ्रष्टाचार शब्द का यूज नहीं कर सकता यदि एक व्यक्ति भ्रष्टाचार करने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र है अपने वरिष्ठ अधिकारी के पत्रों को कोई तवज्जो नहीं दे रहा है जन सूचना अधिकार 2005 के तहत मांगी गई सूचनाओं का जवाब नहीं दे रहा है तो क्या यह अनियमितता नहीं है क्या यही अनुशासन है कि अपने से वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा अग्रसारित पत्रों को कूड़े के ढेर में फेंक देना आप द्वारा दर्जनों जन सूचना अधिकार 2005 के तहत पत्रों का कोई जवाब नहीं दिया गया है और उन पत्रों का रिकॉर्ड मेरे पास है जो मेरे वेबसाइट पर पोस्ट है अर्थात पूरी जनता उन्हें देख रही है इसके बावजूद आप यह कह रहे हैं कि मैं भ्रष्टाचार जैसे शब्दों का इस्तेमाल क्यों कर रहा हूं और मुझे तो भ्रष्टाचार जैसे शब्द भी आपके लिए छोटे लग रहे हैं इस समय आप किसी तीसरे को निर्णायक मान लीजिए और हमें बुलाकर बहस करा लीजिए मैं उसके लिए तैयार हूं क्या आप तैयार हैं आप अपने मुख्य अभियंता को निर्णायक बना लीजिए या जिलाधिकारी महोदया को ही निर्णायक बना लीजिए और आप भी रहिए मैं पूर्ण रुप से तैयार हूं महोदय किसी भी कार्यालय मेमो का सिंहावलोकन करके जबकि उस कार्यालय मेमो में सिंहावलोकन के लिए नहीं कहा गया है प्रयोग करना असंवैधानिक है अवैध है किंतु आप द्वारा यह कृत्य करके पूरे कोविड काल में जितने भी किसानों की फसल जली है

विभाग -उ.प्र.पावर कारपोरेशन लि.शिकायत श्रेणी -

नियोजित तारीख-02-06-2023शिकायत की स्थिति-

स्तर -निदेशालय / विभागाध्यक्ष स्तर/नपद -अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -दिनांक को फीडबैक:-

फीडबैक की स्थिति -

संलग्नक देखें -Click here

नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी अग्रसारित दिनांक आदेश आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति आपत्ति देखे संलगनक

1 अंतरित लोक शिकायत अनुभाग - 1(, मुख्यमंत्री कार्यालय ) 18-05-2023 कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है। अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक -उ.प्र.पावर कारपोरेशन लि. 02-06-2023 अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित निक्षेपित

2 अंतरित अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक (उ.प्र.पावर कारपोरेशन लि. ) 18-05-2023 नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें प्रबन्ध निदेशकजोन -पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम 02-06-2023 अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित निक्षेपित

3 अंतरित प्रबन्ध निदेशक (उ.प्र.पावर कारपोरेशन लि. ) 19-05-2023 नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें मुख्य अभियन्तामण्डल -मिर्ज़ापुर,विद्युत 02-06-2023 अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित निक्षेपित

4 अंतरित मुख्य अभियन्ता (विद्युत ) 23-05-2023 नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें अधीक्षण अभियन्ता -मिर्ज़ापुर,विद्युत 02-06-2023 प्रकरण में सम्बंधित से आख्या प्राप्त कर निस्तारण हेतु प्रेषित है आख्या संलग्न है निस्तारित

5 अंतरित अधीक्षण अभियन्ता (विद्युत ) 23-05-2023 नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें अधिशासी अभियंता , खंड - 2-मिर्ज़ापुर,विद्युत 01-06-2023 आख्या श्रेणी - प्रकरण मांग श्रेणी का है

complaint no 60000230098280 is closed स्पेशल क्लोज निस्तारित

Beerbhadra Singh

To write blogs and applications for the deprived sections who can not raise their voices to stop their human rights violations by corrupt bureaucrats and executives.

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