Department of justice sent copy of communication dated 05th Dec 2019 sent to registrar general, High court proves incredibility of H.C.

 



Grievance Status for registration number : DEPOJ/E/2022/08362

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M. P. Singh
Date of Receipt
12/09/2022
Received By Ministry/Department
Justice
Grievance Description
Justice >> Complaint against Judicial Officers
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Department of justice misinformed applicant that his grievance was forwarded to registrar general High court of judicature at Allahabad for appropriate action.
Honourable Sir, please take a glance at the first page of the attached document to the grievance which is communication dated 01 Sept 2022 letter number-1402/R.T.I./351/2022/AHC of the registrar accounts/central public information officer of High court of judicature at Allahabad addressed to the applicant. In this communication, it has been categorically stated that after thorough search of the grievance number DEPOJ/E/2019/04435 as mentioned by the applicant in his applications dated 30/06/2022 and 19/04.2022 does not appear to have been received in the office of the Honourable court. 
Grievance Status for registration number : DEPOJ/E/2019/04435 Grievance Concerns To Name Of Complainant Yogi M. P. Singh Date of Receipt 01/12/2019 Received By Ministry/Department Justice 
On Date of Action 09/12/2019. Concerned staff closed the matter with the following remarks.Remarks The grievance has been forwarded to Registrar General, Allahabad High Court for action, as appropriate.

Grievance Status for registration number : DEPOJ/E/2022/03173 Grievance Concerns To Name Of Complainant Yogi M. P. Singh
Date of Receipt 17/04/2022 Received By Ministry/Department Justice
Current Status Case Closed
On Date of Action 18/04/2022,  concerned staff closed the matter with the following remarks.
Remarks The grievance registration number : DEPOJ/E/2019/04435 has been forwarded to Registrar General, Allahabad High Court for action, as appropriate.
The Ministry of justice misled the applicant in the aforementioned two grievances by falsely commenting as-Remarks The grievance registration number : DEPOJ/E/2019/04435 has been forwarded to Registrar General, Allahabad High Court for action, as appropriate.
Please provide the feedback if you have to prove your stand otherwise my entire efforts to expose the corruption in the justice deli
Grievance Document
Current Status
Case closed   
Date of Action
14/09/2022
Remarks
The grievance has been forwarded to Registrar General, Allahabad High Court for action, as appropriate.
Reply Document
Rating
Poor
Rating Remarks
श्रीमान जी यह सच है कि यहां पर पीड़ित व्यक्ति के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है और यह अन्याय पुलिस और लोअर ज्यूडिशरी ने मिलकर किया है किंतु जब यह प्रकरण न्याय विभाग के सामने आया तो कितना गैर जिम्मेदाराना ढंग से लिया गया कि जिस व्यथा को माननीय उच्च न्यायालय में अग्रसारित किया गया वह माननीय उच्च न्यायालय द्वारा यह कहकर इनकार किया गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि वह बता माननीय उच्च न्यायालय में आई ही नहीं क्योंकि यहां के कार्यालय द्वारा उसको रिसीव नहीं किया गया है श्रीमान जी क्या यह लोग स्वस्थ लोकतंत्र का परिचय हैं क्या स्वस्थ लोकतंत्र में इसी तरह की कार्यशैली होती है श्रीमान जी पारदर्शिता और जवाबदेही भी कुछ होता है पिछले 6 महीने से माननीय उच्च न्यायालय में पत्र व्यवहार हो रहा है और अब जाकर उन्होंने कहा कि आप द्वारा कोई भी शिकायत उनके यहां नहीं भेजी गई है जब सूचना देने का समय आया तो यह किस तरह से उपयुक्त है श्रीमान आप द्वारा यह स्पष्ट करना चाहिए की आप द्वारा प्रार्थी के व्यथा को माननीय उच्च न्यायालय को प्रेषित किया गया है इसका समुचित प्रमाण देना चाहिए किंतु आप द्वारा प्रमाण देने से भागा
Appeal Details
Appeal Number
DEPOJ/E/A/22/0000434
Date of Receipt
14/09/2022
Appeal Text
Remarks The grievance has been forwarded to Registrar General, Allahabad High Court for action, as appropriate. Reply Document श्रीमान जी आप कह रहे हैं कि व्यथा को आपने माननीय उच्च न्यायालय के महा निबंधक के यहां उचित कार्यवाही के लिए भेज दिया है किंतु आपने यह नहीं स्पष्ट किया कि आप किस व्यथा की बात कर रहे हैं क्योंकि उपरोक्त संबंध में तीन व्यथा आपके पास भेजी गई है श्रीमान जी आपके द्वारा जो निस्तारण आख्या प्रस्तुत की गई है वह एक खाली पेज है जिसको स्कैन किया गया है यह किसी तरह से उपयुक्त नहीं है पूर्व में भी आप द्वारा इसी तरह से आख्या लगाई गई जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई है और आज माननीय उच्च न्यायालय के निबंधक द्वारा इंकार कर दिया गया कि आपने कोई व्यथा उनके पास भेजा है निस्तारण वास्ते और आज भी आप उसी कार्यशैली का अनुकरण कर रहे हैं जो रहस्यमई है यह तो निश्चित है कि या तो आप झूठ बोल रहे हैं या माननीय उच्च न्यायालय के निबंधक द्वारा झूठ बोला जा रहा है क्योंकि कुछ तो गड़बड़ है किंतु स्थित बहुत ही खतरनाक है यहां पर मामला न्याय विभाग और माननीय उच्च न्यायालय के विश्वसनीयता से संबंधित है श्रीमान जी किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की न्याय व्यवस्था को विश्वसनीय होना चाहिए किंतु यह स्पष्ट है कि यहां पर विश्वसनीयता प्रश्न गत घेरे में हैं
Current Status
Appeal Closed
Date of Action
19/09/2022
Remarks
I have gone through the grievance and reply given by the PG Officer of this Department. I have also gone through the appeal and points raised therein. I agree with the reply given by the PG Officer. In view of this position, I am unable to accept this appeal.
Officer Concerns To
Officer Name
Shri Niraj Kumar Gayagi (Joint Secretary)
Organisation name
Department of Justice
Contact Address
Jaisalmer House, Mansingh Road, New Delhi
Email Address
jsst-doj@gov.in
Contact Number
01123385020
Yogi

An anti-corruption crusader. Motive to build a strong society based on the principle of universal brotherhood.

2 Comments

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  1. Following comments made by the appellate authority of the department of justice but he should know that whether such communications were sent to the applicant earlier certainly not.
    I have gone through the grievance and reply given by the PG Officer of this Department. I have also gone through the appeal and points raised therein. I agree with the reply given by the PG Officer. In view of this position, I am unable to accept this appeal.

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  2. जब सब कुछ उचित ढंग से चल रहा है तो फिर उन्हें पंजीकृत डाक से 2019 का लेटर क्यों भेजना पड़ा कुछ तो गड़बड़ है अब उन्होंने जब उपलब्ध करा दिया है तो कंफर्म है न्याय विभाग से मतलब खत्म हो जाता है माननीय उच्च न्यायालय के महा निबंधक महोदय को सोचना पड़ेगा कि उनका विभाग किस तरह से को प्रबंधन का शिकार है और उन्हें यह भी सोचना पड़ेगा कि इसको प्रबंधन को कैसे खत्म किया जाए क्योंकि जनता के बीच इसका गलत संकेत जा रहा है यह लोकतंत्र है तानाशाही को ज्यादा बढ़ाएंगे तो विद्रोह हो जाएगा

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