Vineet Kumar Maurya irritated with arbitrary and inconsistent reply of S.D.M. Sadar submitted representation before UPHRC


Arun Pratap Singh <>

Title suit of land is pending before Civil Judge surprising is that opposition sold the land by colluding with the administration and police.
1 message

Arun Pratap Singh <>13 December 2020 at 18:42
To: supremecourt <>, pmosb <>, cmup <>, urgent-action <>,,,,,
A petition under Article 32 of the constitution of India to curb the blatant abuse of power and position by the concerned staff of registries later on by the staffs of the Tahsil Sadar and police in the favour of land grabbers in the district-Mirzapur.
The matter concerns the encroachment of jurisdiction of court by the police and administration of District-Mirzapur, State-Uttar Pradesh
                                                    Hon'ble Chief justice of India / companion judges 
                                                     Supreme Court of India, New Delhi
Subject-Police and concerned staff of the administration took under teeth the process of court and decided the title dispute pending in the court of civil judge as litigation number-881 of year 2016 in the district court Mirzapur.
Short submissions of the case are as follows.
1-Aforementioned litigation is pending at the court of civil judge junior division in the district court Mirzapur as title dispute between the parties.
2-During the pendency of the litigation and adjudication in the matter awaited, opposition did the registry of the impugned land to the third party quite obvious from the attached PDF document.
3-Registery of the land, concerned staff executed when the adjudication is pending and staff of Tahsil Sadar ratified it arbitrarily.
4-Applicant knew about this forged execution of registry of land on 16/08/2019 consequently his mother Rampatti filed civil suit Case number-1001 of the year 2019 in the same court in which adjudication of the title suit is pending. 
5-Here matter of fact is that Kotwali Dehat, District-Mirzapur, State-Uttar Pradesh creating undue pressure on the family of the applicant to sign on the papers arbitrarily dictated by them and scripted by the constables and humiliate family members if they did not follow them. 
6-Sir such practices followed on the ground of forged execution of registry which adjudication is also pending ipso facto.
7-Here accountability of the concerned staff of registries, staff of Tahsil Sadar and staff of police Kotwali Dehat, District-Mirzapur, concerned accountable public functionaries may check and fix the accountability in the wide public interest and curb the travesty of justice. 
8-Think about the gravity of situation, what remains to adjudicate for the civil judge if conspirators cum lawbreakers succeeds in its demon plan.  
                                                           खुदा भी आसमाँ से जब जमी पे देखता होगा |

             इस मेरे प्यारे देश को क्या हुआ सोचता होगा||

This is a humble request of your applicant to you, Hon’ble Sir that how can anyone justify to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos arbitrarily by making the mockery of the law of land? There is the need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray for you, Hon’ble Sir.

Date-13/12/2020            Yours sincerely

                              Vineet Maurya S/O Bhairo Prasad Maurya, Mobile number-7887200402Tahsil-Sadar, Police station-Kotwali Dehat, District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001. 

Vineet Kumar Maurya.pdf


Registration Number DOCMO/R/2021/60328

Name Vineet Kumar Maurya

Date of Filing 20/04/2021

Status REQUEST DISPOSED OF as on 14/07/2021

Reply :- आपका पत्र पीएमओपीजी/ई/2021/0191083 मुख्यमंत्री कार्यालय, लोक शि‍कायत अनुभाग-1 के आनलाईन संदर्भ संख्या-60000210053983 द्वारा दिनांक 03-04-2021 को जिलाधि‍कारी, मिर्जापुर को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषि‍त किया गया। सम्बन्धित आख्या आनलाईन संदर्भ संख्या-60000210053983 से प्राप्त कर सकते है।

  Nodal Officer Details  

Telephone Number 9454412725


Online RTI Request Form Details

Public Authority Details :-


* Public Authority Chief Minister office


Personal Details of RTI Applicant:-

Registration Number DOCMO/R/2021/60328

Date of Filing 20/04/2021

* Name Vineet Kumar Maurya

Gender Male

* Address Mahanth Ka Shivala , Mirzapur city

Pincode 231001

Country India

State Uttar Pradesh

Status Details not provided

Pincode Literate

Phone Number Details not provided

Mobile Number +91-7887200402

Email-ID arunpratapsingh904[at]gmail[dot]com

Request Details :-

Citizenship Indian

* Is the Applicant Below Poverty Line ? No

((Description of Information sought (upto 500 characters) )

* Description of Information Sought Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2021/0191083Grievance Concerns To Name Of Complainant Vineet Maurya Date of Receipt 15/03/2021 Received By Ministry/Department Prime Ministers Office. More detail is attached to communique. This grievance has been disposed of by concerned mandate with the comment that report is uploaded with due respect.

1-Please provide the uploaded report by concerned mandate regarding aforementioned registration number.

2-Please provide the action report in case the public staff says the report uploaded but fraudulently not uploaded by him.  

3-Action taken in aforementioned grievance for fraudulent activity. 

* Concerned PIO RAM JIYAWAN (L.S. Sec-1)

Supporting document ((only pdf upto 1 MB))

संदर्भ संख्या : 60000210053983 , दिनांक - 14 Jul 2021 तक की स्थिति
आवेदनकर्ता का विवरण :
शिकायत संख्या:-60000210053983
आवेदक का नाम-Vineet Mauryaविषय-Redressal of the grievance is done on the basis of the merit of the contents of the submitted grievance and when the wrongdoing was made by the sub divisional magistrate Sadar then how the grievances can be redressed by the tehsildar Sadar who is the subordinate of the sub divisional magistrate Sadar? Whether the Government of Uttar Pradesh takes action against the land mafia in such a 3rd grade standard manner? संदर्भ संख्या : 40019920025864 , दिनांक - 14 Mar 2021 तक की स्थिति आवेदनकर्ता का विवरण : शिकायत संख्या:-40019920025864 आवेदक का नाम-Vineet Kumar Maurya श्री मान जी न्यायिक और प्रशासनिक निर्णयों का आधार तर्क होता है श्री मान जी प्रथम पेज संलग्नक का तहसीलदार सदर की आख्या दिनांक ०२ मार्च २०२१ है जिसमे उनका निस्तारण का आधार पुलिस द्वारा मामले में दबाव बना कर समझौता कराना और मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए हस्तक्षेप से इंकार है महोदय संलग्नक का द्वितीय पेज क्षेत्राधिकारी सदर की आख्या दिनांक २० दिसंबर २०२० जिसके अनुसार जमीन की रजिस्ट्री एक तीसरे पार्टी को की गई जिसकी मालिकाना तीसरी पार्टी को पुलिस और तहसील में मिलजुल कर किया है गौर करने की बात यह है की मालिकाना का बिबाद दो पक्षों के बीच है जब की तहसील द्वारा तीसरे पक्ष को मालिकाना हक़ प्रदान करके पुलिस के माध्यम से जमीन का कब्ज़ा करा दिया गया और पुलिस द्वारा यह दबाव उपजिलाधिकारी सदर की वजह से बनाया गया अब प्रश्न यह है की भू माफियाओं के दबाव में आकर उपजिलाधिकारी सदर द्वारा नियम विरुद्ध अराजकता पूर्ण कार्य क्यों किया गया प्रार्थी तो न्यायालय के कार्यक्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश करने के लिए उपजिलाधिकारी सदर के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की मांग करता है साथ ही एक उच्च स्तरीय जांच जो ईमानदारी से प्रशासन और भू माफिया के गठजोड़ को अनावरण करे जिनके समक्ष न्यायालय भी नपुंसक बन गया है श्री मान जी महत्वपूर्ण तथ्य यह है की उपजिलाधिकारी सदर द्वारा सिविल न्यायालय की कार्यवाही में अनावश्यक हस्तक्षेप करने और अधिकारिता को दातो तले लेना कौन सा कैनन लॉ न्यायोचित ठहरा रहा है श्री मान जी संलग्नक संलग्नक के पेज ३ व ४ देखे दिनांक20-02-2021 को फीडबैक:-महोदय अविवेक पूर्ण निस्तारण केवल शिकायतों की संख्या को बढाता है दिनांक २५/०१/२०२१ की रिपोर्ट उपजिलाधिकारी की और से प्रस्तुत किया गया है जिसमे उन्होंने यह कह कर मुक्ति पा ली की मामला पुलिस से सम्बंधित है क्यों की पुलिस द्वारा दबाव बना कर सुलह कराया गया है जब की प्रार्थी द्वारा निवेदन का सारांश कुछ इस प्रकार है क्षेत्राधिकारी सदर की रिपोर्ट दिनांक २० दिसंबर २०२० के अनुसार उपजिलाधिकारी के आदेश का पालन करने के क्रम में जमीन का सीमांकन पुलिस द्वारा निश्चित कराया गया और अपराधिक दंड संहिता की धारा १०७/१६ को  उभय पक्षों पर लगा करके पुलिस द्वारा शांति कायम किया गया है यह कैसे न्यायोचित है क्या उत्तर प्रदेश सरकार इस आराजकता को रोकेगी जब मुकदमे का निर्णय सक्षम सिविल न्यायालय में मामले से सम्बंधित जमीन के टाइटल से सम्बंधित लंबित है तो कैसे विपक्ष द्वारा तीसरे पक्ष को जमीन की रजिस्ट्री कर दी जो की संलग्न दस्तावेजों से स्पस्ट है सरकारी तंत्र में कहा ईमानदारी है यदि जमीन का बिबाद न्यायालय में लंबित है तो कैसे प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मिलकर जमीन का मालिकाना हक़ तीसरे पक्ष को दे सकते है अर्थात उपजिलाधिकारी महोदय को आंग्ल भाषा का थोड़ा भी ज्ञान नहीं है इसलिए उन्होंने वही दिसंबर की रिपोर्ट को जनवरी के आख्या में दुहराया है जब की यह प्रकरण खुद उपजिलाधिकारी को ही बिधि विरुद्ध कार्यवाही करने का दोषी मानता है और आरोप खुद उपजिलाधिकारी के विरुद्ध है क्यों की पुलिस की कार्यवाही उपजिलाधिकारी के आज्ञा के अधीन है इसलिए पुलिस दोषी नहीं है बल्कि न्यायाल के क्षेत्राधिकार में उपजिलाधिकारी द्वारा अतिक्रमण किया गया है भू माफिया से साथ मिलकर जो की भ्रष्टाचार को दर्शाता है
विभाग -शिकायत श्रेणी -
नियोजित तारीख-03-04-2021शिकायत की स्थिति-
स्तर -जनपद स्तरपद -जिलाधिकारी
प्राप्त रिमाइंडर-
प्राप्त फीडबैक -दिनांक को फीडबैक:-
फीडबैक की स्थिति -
संलग्नक देखें -Click here
नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!
अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :
क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश/आपत्ति दिनांक आदेश/आपत्ति आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति संलगनक
1 अंतरित लोक शिकायत अनुभाग - 1(, मुख्यमंत्री कार्यालय ) 19-03-2021 कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है। जिलाधिकारी-मिर्ज़ापुर, 03-04-2021 सम्बंधित आख्या अपलोड है । निस्तारित
2 आख्या जिलाधिकारी ( ) 20-03-2021 नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें उप जिलाधि‍कारी-सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग 02-04-2021 आख्या अपलोड कर सेवा में सादर प्रेषित है निस्तारित

3 आख्या उप जिलाधि‍कारी (राजस्व एवं आपदा विभाग ) 20-03-2021 नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें तहसीलदार-सदर,जनपद-मिर्ज़ापुर,राजस्व एवं आपदा विभाग 02-04-2021 आख्या अपलोड कर सेवा में सादर प्रेषित है निस्तारित


Your view points inspire us

  1. Undoubtedly, pseudo honest employees of the chief minister office is running away from providing information to the aggrieved information seeker because they can not provide the uploaded report to information as there is no uploaded report, actually.
    Here of course fraud has been committed by the sub divisional magistrate sadar but the fact is that such corruption is the integral part of dealings of these magistrates. For it, they have blessings of the chief minister office in the regime of Yogi Adityanath.
    आपका पत्र पीएमओपीजी/ई/2021/0191083 मुख्यमंत्री कार्यालय, लोक शि‍कायत अनुभाग-1 के आनलाईन संदर्भ संख्या-60000210053983 द्वारा दिनांक 03-04-2021 को जिलाधि‍कारी, मिर्जापुर को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषि‍त किया गया। सम्बन्धित आख्या आनलाईन संदर्भ संख्या-60000210053983 से प्राप्त कर सकते है।
    Which means chief minister office itself indulged in the wrongdoings because it played cryptic role to shield wrongdoer S.D.M.

  2. Undoubtedly there is rampant corruption in the working of the sub divisional magistrate Sadar and government is also supporting the corrupt stand of the sub divisional magistrate otherwise chief minister office and prime minister office has to provide the information under the right to information act 2005.
    Here public staff in the office of chief minister of government of Uttar Pradesh only misled the information seeker which is a mockery of the right to information act 2005

  3. Undoubtedly Yogi government in the state of Uttar Pradesh is showing hundred percent tolerance to the wrongdoer bureaucrats which are working freely e in the Government of Uttar Pradesh and promoting corruption having blessings are the corrupt public functionaries especially corrupt political masters.
    It is quite obvious that sub divisional magistrate Sadar superseded the jurisdiction of the civil court which is feasible because of the anarchy of the Yogi Adityanath government in the state of Uttar Pradesh.

  4. If the Yogi government is honest and it advocates the rule of law in the government machinery then it must take action against the wrongdoer sub divisional magistrate Sadar who made the mockery of the the judicial procedures in the Government of India by interfering in judicial function quite obvious from the cryptic working style of the sub divisional magistrate Sadar.

  5. Whether sub divisional magistrate Sadar will explain under what circumstances registry of the land was carried out if the title suit concerned with the land is pending before the the court of civil judge?

    Think about the inconsistent and arbitrary reports are being submitted by the staff at the tehsil Sadar which comes under the Ambit of sub divisional magistrate Sadar.

    SHRC, Uttar Pradesh
    Case Details
    HRCNet HRCNet HRCNet

    Diary No 1809/IN/2021 Case / File No 2305/24/55/2021
    Victim Name VINEET KUMAR MAURYA Registration Date 15/07/2021
    Action List (Click on Action given in blue color to view details)
    No action taken yet
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    Diary No 1809/IN/2021 Section CHPR
    Received Date 14/07/2021 Complaint Date 14/07/2021
    Victim Name VINEET KUMAR MAURYA Gender Male
    Religion Hindu Cast Other Backward Class
    HRCNet HRCNet HRCNet
    District MIRZAPUR State UTTAR PRADESH ( 231001 )
    Incident Place REPRESSION BY S.D.M. SADAR Incident Date 01/04/2021
    Incident Category ATROCITIES ON SC/ST/OBC
    Incident District MIRZAPUR Incident State UTTAR PRADESH
    Incident Details

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