Assistant police commissioner Tharwai, Prayagraj must adopt logistic approach in the matter concerns group assault culminated into death

 


संदर्भ संख्या : 60000230073339 , दिनांक - 21 Apr 2023 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-60000230073339

आवेदक का नाम-Yogi M. P. Singh

विषय-अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 01-04-2023 01-05-2023 क्षेत्राधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त-थरवई क्षेत्राधिकारी,जनपद-प्रयागराज ,पुलिस अनमार्क 

Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2023/0069593, 

शिकायत संख्या:-40017523013341An application under Article 51 A of the constitution of India on behalf of Akhilendra Pratap Singh son of Mr. Nagendra Bahadur Singh village Saraijeet Rai urf Pure Bhava post Gheenpur. police station Mauaima, district Prayagraj, Uttar Pradesh, mobile number 8756783 123. The matter concerns station officer police station Bahriya Mr. Ramesh Kumar District Prayagraj mobile number 982520523. Therefore this representation may be forwarded to the police commissioner Prayagraj for the disposal of the grievance. 

महोदय पूरा मामला दर्पण की तरह साफ है पहले विनय सिंह से संतोष कुमार सिंह गौड़ और उनके 3 साथी मारपीट करते हैं जिसका प्रमाण खुद विनय सिंह का ऑडियो कॉल है उसे नकारा नहीं जा सकता है कुछ समय पश्चात उनकी मृत्यु हो जाती है जिसका कोई चश्मदीद गवाह नहीं है पुलिस उस मृत्यु को दुर्घटना करार देती है लेकिन खुद पुलिस उस दुर्घटना को स्पष्ट करने में असफल है महोदय जहां तक रही विवेक कुमार सिंह द्वारा थाना पीजीआई में यह कहना कि मृत्यु सड़क दुर्घटना से हुई है यह स्पष्ट करता है कि विवेक कुमार सिंह ने वही कहा जो होमगार्ड और एंबुलेंस के ड्राइवर द्वारा बताया गया था क्योंकि उनके अंदर कोई द्वेष की भावना नहीं थी और पुलिस के प्रति उनका कोई अविश्वास भी नहीं था उस समय उन्हे इस ऑडियो कॉल की जानकारी नहीं थी किंतु जो ऑडियो कॉल है वही स्पष्ट करता है कि मृतक विनय कुमार सिंह को घटना से पूर्व मारा पीटा गया था और ऐसा व्यक्ति कभी झूठ नहीं बोल सकता क्योंकि यह ऑडियो किसी भी ढंग से उनके दिमाग को असंतुलित नहीं बताता है और वह जानबूझकर कहीं कुछ अलग ढंग से पेश कर रहे हो ऐसा कुछ नहीं है थाना अध्यक्ष महोदय की शिथिलता तो इसी बात से स्पस्ट है की मुख्य अपराधी को पकड़ने के बावजूद शेष तीन को नहीं पकड़ पाए और उसे भी छोड़ दिए बिना तीन को पकड़े क्यों की ईमानदार ही अपने कर्तव्य को ईमानदारी से करता है पुलिस कोई बिबेचना नहीं कर रही है सिर्फ केस को कमजोर कर रही है महोदय थाना अध्यक्ष महोदय को तो वह ऑडियो सुनाया गया है ना फिर भी थाना अध्यक्ष महोदय थाना बहरिया जनपद प्रयागराज ना तो मारपीट को ही स्पष्ट ढंग से दर्शा रहे हैं और ना ही उसकी गहराई में जा रहे हैं और ना ही दुर्घटना को स्पष्ट कर रहे हैंमहोदय यह बहुत बड़ी साजिश है जिसमें मृत्यु खड़यंत्र को दुर्घटना का नाम देकर पुलिस द्वारा फाइल बंद की जा रही है पुलिस का यह कृत्य अपराध को पोषित करने वाला है ऐसी कृत्य पर पूर्ण रूप से विराम लगना चाहिएयह सच है कि मारने वाले दबंग किस्म के थे और स्थानीय स्तर पर उनकी छवि अपराधिक थे जिसके कारण कोई भी उनके विरुद्ध बोलना नहीं चाहता है और पुलिस खुद भी मामले का पटाक्षेप करना चाहती है क्योंकि वह यह दिखाना चाहती है कि कोई अपराधिक घटना हुआ ही नहीं जबकि सच यह है कि मारपीट का भी प्रमाण है और उसके पश्चात मृत्यु भी हो गई है हां यह सच है कि दुर्घटना का कोई प्रमाण नहीं है पुलिस के पास अगर दुर्घटना का कोई प्रमाण हो तो उसे स्पष्ट करें पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट दे पुलिस बिसरा रिपोर्ट दे पुलिस उन सभी बातों को बताएं जो यह सिद्ध करता है कि मामला दुर्घटना से संबंधित है क्योंकि यह स्पष्ट है कि प्रकरण दुर्घटना की ओर नहीं ले जाती है उपलब्ध प्रमाणों से यह स्पष्ट है कि पर्याप्त मारपीट हुई और मृत्यु उसके पश्चात हुई लड़ाई के स्थान पर मृत्यु इसलिए नहीं हुई क्योंकि उसका उसके गवाह हो सकते थे कोई भी अपराधी अपने पीछे साक्ष्य नहीं छोड़ता है इसीलिए इस अपराध का साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया है 

Vide attached document to the grievance. The matter concerns the group assault by Santosh Singh Gaud with his three companions on the elder brother Vinay Singh of the applicant which caused the death of the Vinay Singh. This is a planned murder with ulterior motives not to pay the money. It is most unfortunate that the concerned police is only procrastinating on the matter instead of taking solid and strong action which is required under the law in the murder of an innocent individual by the gangsters. Because of the serious head injuries Vinay Singh was referred by the common health center Bahriya to the SRN Prayagraj. Entire matter was disclosed by the deceased Vinay Singh to the applicant when the deceased was

Department -पुलिसComplaint Category -

नियोजित तारीख-25-04-2023शिकायत की स्थिति-

Level -पुलिस आयुक्तPost -पुलिस आयुक्त

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -दिनांक को फीडबैक:-

फीडबैक की स्थिति -

संलग्नक देखें -Click here

नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी अग्रसारित दिनांक आदेश आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति आपत्ति देखे संलगनक

1 अंतरित लोक शिकायत अनुभाग -3(, मुख्यमंत्री कार्यालय ) 10-04-2023 कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है। पुलिस आयुक्त-प्रयागराज 20-04-2023 श्रीमानजी आख्या सादर सेवा मे प्रेषित है । निस्तारित

2 आख्या पुलिस आयुक्त (पुलिस ) 10-04-2023 आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें क्षेत्राधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त-थरवई क्षेत्राधिकारी,जनपद-प्रयागराज 20-04-2023 श्रीमान जी आख्या रिपोर्ट सादर सेवा में प्रेषित है। निस्तारित

3 आख्या क्षेत्राधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त (पुलिस ) 11-04-2023 आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें एवं आख्या प्रेषित करें थानाध्‍यक्ष/प्रभारी नि‍रीक्षक-बहरिया,जनपद-प्रयागराज ,पुलिस 20-04-2023 आख्या श्रेणी - अन्य कारण

श्रीमान जी प्रार्थना पत्र की जांच आख्या सादर अवलोकनार्थ प्रेषित है। निस्तारित

To see the report of assistant police commissioner Tharwai, click on the link

Beerbhadra Singh

To write blogs and applications for the deprived sections who can not raise their voices to stop their human rights violations by corrupt bureaucrats and executives.

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