Office memo on 25 September 2021was deliberate attempt of U.P.P.C.L. to deprive farmers from compensation of burnt crops during covid

 

संदर्भ संख्या : 40019923000091, दिनांक - 02 Jan 2023 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-40019923000091

आवेदक का नाम-Yogi M P Singhविषय-Sir, now this episode is not limited only to Dayanand Singh son of Shri Sobhnath Singh. Now this case is related to all those farmers whose crops were burnt during the time of Covid-19 due to electrical accident. Because the office memo we are talking about has been issued on 25 September 2021. And this memo has been issued only so that the Uttar Pradesh Power Corporation Limited may not give any damages to the farmers whose crops were burnt due to short circuit during the Covid-19. Executive Engineer Power Distribution Division II is the responsible officer of Uttar Pradesh Power Corporation Limited. So please clarify how the office memo was retrospected. Sir, who gave the permission for the retrospective effect, the retrospection was done by the Executive Engineer Power Distribution Section II himself. 2828 dated -25 September 2021 office memo of Uttar Pradesh Power corporation limited is attached as page 2 of the attached PDF document. 

श्रीमान जी अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय मिर्जापुर एके सिंह उपरोक्त कार्यालय मेंमो  के आधार पर प्रार्थी दयानंद सिंह पुत्र शोभनाथ सिंह का छतिपूर्ति नहीं देना चाहते हैं श्रीमान जी उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड का उपरोक्त मेमो की तिथि 25 सितंबर 2021 है जबकि फसल जलने की तिथि 18 अप्रैल 2021 है और लेखपाल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट दिनांक 15 जून 2021 है जिसको कानूनगो द्वारा अग्रसारित किया गया है 19 जून 2021 को अर्थात श्रीमान जी जिस सर्कुलर की बात की जा रही है वह बाद की तिथि का है श्रीमान जी क्या उपरोक्त मेमो को आधार बनाकर अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय श्रीमान एके सिंह द्वारा प्रार्थी दयानंद सिंह का क्षतिपूर्ति रोकना मनमाना अवैध असंवैधानिक और तानाशाही प्रवृत्ति को नहीं दर्शाता क्या भ्रष्टाचार का कोई दूसरा उदाहरण होगा इनको जब हम भ्रष्टाचारी कहते हैं तो ए छन छना पङते हैं किंतु सच्चाई तो यह है कि यह किसी भी बात पर सही ढंग से जा ही नहीं रहे इनकी हर कार्यशैली भ्रष्टाचार से परिपूर्ण है इनको यह स्पष्ट करना चाहिए कि सितंबर और अप्रैल महीने के बीच कई महीने आते हैं और यदि यह क्षतिपूर्ति दे दी गई होती तो इस परिपत्र का आधार ही ना बनता है जिस परिपत्र के आधार पर क्षतिपूर्ति रोक रहे हैं श्रीमान जी यह प्रकरण उस समय का है जब कोरोनावायरस अपने चरम पर था सभी अपने घरों में रहने के लिए वाध्य थे और लोगों के बाहर निकालने पर पाबंदी थी हर जगह पुलिस पेट्रोलिंग हो रही थी ऑफिसों में कम से कम कर्मचारी आ रहे थे और यह रिपोर्ट खुद तहसीलदार महोदय द्वारा प्रस्तुत की गई है उस समय योगी आदित्यनाथ की व्यवस्था के अनुसार गांव में खुद ग्राम विकास अधिकारी हर वक्त मौजूद रहते थे जो भी घटना होती थी वही सूचना देते थे और उसी के आधार पर लेखपाल द्वारा यह रिपोर्ट लगाई गई है यही इस प्रकरण का कठोर सत्य है किंतु भ्रष्टाचार के कारण उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा क्षतिपूर्ति ना देने के लिए वह मनमाना परिपत्र बाद में लाया गया जिससे कि दयानंद सिंह की क्षतिपूर्ति को रोका जा सके 

The applicant again repeats that to say that someone is honest he may not be honest because honesty must reflect in his working style. The applicant is an anti-corruption crusader his sole motive is to reform the system. Still, executive Engineer electricity distribution division second is running away from the core issue. Executive Engineer is so honest that he does not use to entertain single application submitted under right to information act 2005. Sir, will the Executive Engineer tell the applicant that how Dayanand Singh can get those records rectified which he has not sent to Executive Engineer Electricity Distribution Division II, all those records sent by Tehsil Sadar to the Executive Engineer Electricity Distribution

विभाग -विद्युतशिकायत श्रेणी -

नियोजित तारीख-09-01-2023शिकायत की स्थिति-

स्तर -जनपद स्तरपद -अधिशासी अभियन्‍ता,विघुत

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -दिनांक को फीडबैक:-

फीडबैक की स्थिति -

संलग्नक देखें -Click here

नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अग्रसारित विवरण :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी अग्रसारित/आपत्ति दिनांक नियत दिनांक अधिकारी को प्रेषित आदेश स्थिति

1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 02-01-2023 09-01-2023 अधिशासी अभियन्‍ता,विघुत-मिर्ज़ापुर,विद्युत अनमार्क