Arbitrariness and tyranny is not only integral part of administration of MCH wing of women hospital but it also reflects in reports submitted

 संदर्भ संख्या : 60000230098274 , दिनांक - 11 Jun 2023 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-60000230098274

आवेदक का नाम-Yogi M. P. Singh

विषय-Following grievance closed by chief medical officer Mirzapur on the ground that the matter comes under the ambit of principal, Maa Vindhyavasini, autonomous, State medical college so the applicant may submit representation before him. Consequently, chief medical officer Mirzapur escaped from entertaining the matter of grave irregularity in the working of the frontal cell named MCH wing of the government women hospital Mirzapur. How can it be justified that the MCH wing opened on the theory of public private partnership to provide health facilities to weaker and downtrodden sections that may be used as collection centres for patients for private nursing homes and private clinics? Everyone knows that such practices are running under the blessings of accountable public functionaries which is the root cause of parrot, inconsistent and arbitrary reports on the Jansunwai portal of the government of Uttar Pradesh. शिकायत संख्या:-40019923008356 आवेदक का नाम-Yogi M. P. Singh विषय-An application under Article 51A of the constitution of India on behalf of Dhiraj Singh whose address is Aawas Vikas colony district Mirzapur and the mobile number is 790585 3278 and pin code is 23101 Mirzapur City. Dhiraj Singh alleged that MCH wing of Government women hospital is the centre to refer the patients to private hospitals and earns commission. मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय प्रकरण को बंद करने से पहले धीरज सिंह का बयान और उनकी पत्नी महिमा सिंह का बयान होना चाहिए था यदि परिजन की बात करें तो धीरज सिंह ही महिमा सिंह के गार्जियन हुए और डॉक्टर मृदुला जायसवाल के क्लीनिक में डॉ पूजा मौर्य ने उपचार नहीं किया मरीज का तो किसने किया यह तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी पूछताछ करके खुद ही जान सकते हैं महोदय इस जनपद में जितने भी प्राइवेट नर्सिंग होम या क्लीनिक हैं उन सभी का पंजीकरण मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय के यहां होता है अर्थात सभी नर्सिंग होम और क्लीनिक निजी क्षेत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय के निगरानी में चलते हैं तो इसमें कौन बहुत बड़ी चीज है क्योंकि सभी निजी अस्पतालों में सीसीटीवी लगा होता है उस पार्टिकुलर डेट का सीसीटीवी फुटेज देख सकते हैं आप । महोदय प्रार्थी द्वारा तो आपको मृदुला जायसवाल के प्राइवेट क्लीनिक का रसीद भी दिया गया है महोदय डॉक्टर मृदुला जायसवाल खुद तो बच्चों की डॉक्टर हैं तो फिर महिमा सिंह का शल्य चिकित्सा किसने किया क्योंकि डॉक्टर मृदुला जयसवाल तो कर नहीं सकती थी क्योंकि वह बच्चों की डॉक्टर है और वह दूसरा कौन है आप बताइए पूजा मौर्या ने शल्य चिकित्सा किया है तो दूसरा स्वीकार करने के लिए तैयार भी नहीं होगा इसलिए यह समीचीन है कि आप धीरज सिंह और उनकी पत्नी महिमा सिंह का बयान ले और महिमा सिंह से पूजा मौर्य की पहचान कराएं वह खुद ही बता देंगे कि उनका इलाज किया है या नहीं श्रीमान जी यदि कोई दूसरा डॉ है तो क्या वह महिमा सिंह को पहचान सकता है क्योंकि दूसरा डॉक्टर तभी नियमानुसार स्वीकार किया जा सकता है जब वह महिमा सिंह को पहचान सके और एक हफ्ते जब इलाज किया है तो महिमा सिंह को डॉक्टर जरूर पहचान लेगा There must be no further delay and the matter may be forwarded to the concerned mandate who may reach a logistic conclusion in the matter so proper enquiry by giving opportunity to each party in the matter may be carried out. Sir the applicant had submitted the representation before the chief medical superintendent of the women hospital Mirzapur and if it was not amenable by him he had to forward the matter to the principal as you stated in your report. Enquiry may be ordered into the matter which may look into the pros and cons of the allegations and may reach a logistic conclusion. सन्दर्भ सं0 40019923008356- आख्या आवेदक का नाम योगी एम.पी. सिंह - पिता का नाम- मो. 7379105911 पता - धीरज सिंह पत्नी महिमा सिंह, आवास विकास कालोनी, मीरजापुर आवेदक द्वारा पोर्टल पर दर्ज शिकायत के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि सम्बन्धित प्रकरण के सम्बन्ध में प्रकरण जिला महिला चिकित्सालय, मीरजापुर से सम्बन्धित है, जिला महिला चिकित्सालय माँ विन्ध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अधीन संचालित है, जिसके नियंत्रक अधिकारी प्रधानाचार्य, मॉ विन्ध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, मीरजापुर है

विभाग -चिकित्सा शिक्षाशिकायत श्रेणी -

नियोजित तारीख-10-06-2023शिकायत की स्थिति-

स्तर -शासन स्तरपद -अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -दिनांक को फीडबैक:-

फीडबैक की स्थिति -

संलग्नक देखें -Click here

नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी अग्रसारित दिनांक आदेश आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति आपत्ति देखे संलगनक

1 अंतरित लोक शिकायत अनुभाग - 1( मुख्यमंत्री कार्यालय ) 30-05-2023 कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।. अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव -चिकित्सा शिक्षा 10-06-2023 अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित निक्षेपित

2 अंतरित अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव (चिकित्सा शिक्षा ) 30-05-2023 नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें महानिदेशक -चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण 10-06-2023 अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित निक्षेपित

3 अंतरित महानिदेशक (चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण ) 02-06-2023 नियमनुसार आवश्यक कार्यवाही करें प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज -ऑटोनोमस मेडिकल कॉलेज, मिर्ज़ापुर 10-06-2023 सन्दर्भ संख्या 6000230098274 के सम्बन्ध में MCH WING से प्राप्त आख्या संलग्न की गयी है। निस्तारित

To see the report of MCH wing, please click on the link

Beerbhadra Singh

To write blogs and applications for the deprived sections who can not raise their voices to stop their human rights violations by corrupt bureaucrats and executives.

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