When Jhabbu Lal itself saying that matter of stray animals concerns PWD and zonal department, how E.O. disposed of grievance

 






संदर्भ संख्या : 40019921017205 , दिनांक - 12 Sep 2021 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-40019921017205

आवेदक का नाम-Yogi M P Singhविषय-शिकायत संख्या:-40019921016084 आवेदक का नाम-Yogi M P Singh शिकायत संख्या:-40019921015511आवेदक का नाम-Yogi M P Singh शिकायत संख्या- 40019921013251 आवेदक का नाम-Yogi M P Singh श्री मान जी उपरोक्त तीनो का निस्तारण नगर पालिका मिर्ज़ापुर सिटी द्वारा मनमाने तरीके से कर दिया गया अर्थात जिलाधिकारी और अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका मिर्ज़ापुर सिटी मनमाने तरीके से जनता की शिकायतों का निस्तारण कर रहे है अभी भी बड़ी संख्या में सूअर पार्क के ड्रेनेज वाटर और खुद जगह जगह ड्रेनेज वाटर में लोट रहे है और सड़को पर गन्दगी कर रहे है आवारा कुत्ते सड़को पर टहलते रहते है और घरो के सामने मलमूत्र डिस्चार्ज करते रहते है गायो का तो सुरेकापुरम कॉलोनी चलता फिरता गौशाला ही है सड़को पर गोबर ही गोबर दिखाई पड़ता है मोदी जी का स्वच्छता अभियान खूब चरितार्थ हो रहा है सिर्फ लोक फण्ड का दोहन हो रहा है कागज पर श्री मान जी उत्तर प्रदेश सरकार का यह विशाल वजट कहा जा रहा है २०० करोड़ का बजट तो वित्तीय वर्ष Budget year 2019-20 आवारा पशुओं के देखभाल के लिए किन्तु आवारा पशुओं की भीड़ तो बढ़ती ही जा रही है जब भ्र्ष्टाचार को पोषित करने वाला तंत्र होगा तो कोई सुधार संभव भी नहीं है सुधार के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है जिसका यहा पर अकाल है This is the third budget of the Adityanath government in the state. LUCKNOW: The Uttar Pradesh government Thursday allocated Rs 1,200 crore for a scheme for girls and Rs 612 crore for stray cattle and construction of cow shelters in the Budget for 2019-20 financial year ahead of the Lok Sabha polls. Rs 247.60 crore has been allocated for maintenance and construction of cow sheds in the Uttar Pradesh Budget year 2019-20. Rs 200 crores has been allocated for upkeep of stray cattle in the Uttar Pradesh Budget year 2019-20. A provision of Rs 40 crore has been made to set up impounding houses/cattle shelter homes under the 'Kanha Gaushala Evam Besahara Pashu Ashraya Yojna in new budget.

विभाग -नगर पालिका परिषदशिकायत श्रेणी -

नियोजित तारीख-08-09-2021शिकायत की स्थिति-

स्तर -नगर पालिका / नगर पंचायतपद -अधिशासी अधि‍कारी,नगर पंचायत /पालिका

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -दिनांक12-09-2021 को फीडबैक:-Sir you may forward the matter to PWD and zonal department whose job is to settle the issue of the stray animals instead of procrastinating on the matter unnecessarily. It was fourth illogical redressal of the grievance by submitting inconsistent and arbitrary reports. Please curb this anarchy. श्री मान जी यदि प्रकरण का सम्बन्ध निर्माण विभाग व जोनल विभाग से है तो वही बताये की टीम द्वारा कब कब अभियान चला कर आवारा पशुओं को पकड़ा गया है टीम के सदस्यों की संख्या क्या है और सरकार द्वारा पिछले वर्ष कितना फण्ड दिए गए आवारा पशुओं को पकड़ने वास्ते और इस वर्ष कितना मिल चुका और आप द्वारा प्रयास व सफलता क्या है श्री मान जी आप द्वारा आवारा पशुओं का शिकायत का विकल्प नगर पालिका मिर्ज़ापुर के लिए है जब की नगर पालिका मिर्ज़ापुर अधिशाषी अधिकारी का कहना है की उपरोक्त शिकायतों का निस्तारण लोक निर्माण विभाग व जोनल विभाग द्वारा किया जाता है श्री मान जी आप ही बताये प्रार्थी के शिकायत का निस्तारण कैसे हो गया श्री मान जी प्रकरण को सम्बंधित विभाग को भेजा जाय और मामले का उचित तरीके से निस्तारण कराया जाय Sir stray animals are openly moving on streets freely and the staff of the municipality Mirzapur City are sleeping on the complaints they are not taking serious steps which is causing great difficulty to the dwellers of the colony. The matter concerns the stray animals in surekapuram colony comes under the sangmohal ward.

फीडबैक की स्थिति -फीडबैक प्राप्त

संलग्नक देखें -Click here

नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश/आपत्ति दिनांक आदेश/आपत्ति आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति संलगनक

1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 01-09-2021 अधिशासी अधि‍कारी,नगर पंचायत /पालिका -मिर्ज़ापुर 08-09-2021 श्रीमान जी की सेवा में विस्तृत आख्या सादर प्रेषित है. निस्तारित

Beerbhadra Singh

To write blogs and applications for the deprived sections who can not raise their voices to stop their human rights violations by corrupt bureaucrats and executives.

1 Comments

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  1. Sir you may forward the matter to PWD and zonal department whose job is to settle the issue of the stray animals instead of procrastinating on the matter unnecessarily. It was fourth illogical redressal of the grievance by submitting inconsistent and arbitrary reports. Please curb this anarchy. श्री मान जी यदि प्रकरण का सम्बन्ध निर्माण विभाग व जोनल विभाग से है तो वही बताये की टीम द्वारा कब कब अभियान चला कर आवारा पशुओं को पकड़ा गया है टीम के सदस्यों की संख्या क्या है और सरकार द्वारा पिछले वर्ष कितना फण्ड दिए गए आवारा पशुओं को पकड़ने वास्ते और इस वर्ष कितना मिल चुका और आप द्वारा प्रयास व सफलता क्या है

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