google-site-verification: google652ee2e18330a276.html Yogi as anti-corruption crusader

Monday, 29 March 2021

Whether government of Uttar Pradesh took any action against the loot of R.T.O. if not why? Pseudo honesty of political masters

 






Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2020/0972039

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
09/11/2020
Received By Ministry/Department
Prime Ministers Office
Grievance Description
Honourable Prime Minister Sir, how can we overlook the matter concerned with the deep-rooted corruption? The applicant submitted over three dozen representations but the honest government of Yogi Adityanath did not take any action. They earn millions of rupees per day through these overloaded and illegal trucks plying on the road. Honourable Sir may take a glance of attached representation raised before PMO earlier but closed by concerned staff of Government of Uttar Pradesh arbitrarily.पुराने सिपाही चला रहे गैंग, ओवरलोड से चोरी छिपे होती है वसूली



मिर्जापुर। पूर्वांचल के जिलों में एआरटीओ द्वारा एजेंट के जरिए वसूली के मामले में मिर्जापुर भी शामिल है। सूत्रों की माने तो जिले में चोरी छिपे परिवहन विभाग में तैनात रहे पूर्व सिपाही निजी एजेंटों द्वारा वसूली करा रहे हैं। ओवरलोड ट्रकों से वसूली कर पास करा रहे। उधर, एसआईटी वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर समेत 18 जिलों में एआरटीओ द्वारा वसूली के मामले की जांच कर रही है। हर जिले में एंट्री का अलग-अलग रेट तय है। मिर्जापुर में एक हजार से तीन हजार रुपये तक एंट्री के लिए वसूली की जा रही।

हाल ही में एआरटीओ रविकांत शुक्ला पर रात में ओवरलोड चेकिंग के दौरान कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। शासन के निर्देश पर अधिकारी ओवरलोड रोकने का कार्य कर रहे है, पर सूत्रों की माने तो चोरी छिपे आरटीओ के पुराने सिपाही गिरोह चला रहे। बताया जाता है कि वे एजेंट के जरीए इस नजर रखते हैं कि अधिकारी कब और किस ओर चेकिंग पर निकल रहे। बाइक सवार एजेंट अधिकारियों का पीछा करने के बाद उनका लोकेशन देते रहते हैं, इसी के अनुसार ओवरलोड ट्रकों को रूट तय कर पास करा दिया जाता है। परिवहन विभाग के अधिकारी जिस रोड पर वाहन चेकिंग करने निकलते हैं, उस ओर के ट्रकों को खड़ा करा देते हैं। अधिकारी जब घर पर आते है तो फिर ओवरलोड ट्रकों को चलने की सूचना दे दी जाती है।
गौरतलब है कि वसूली के मामले में एसआईटी जांच कर रही। इसमें मिर्जापुर में 2017 से तैनात एआरटीओ प्रवर्तन की जांच की जा रही है। उस दौरान मिर्जापुर में इंट्री का खुला खेल चलता था। एआरटीओ के सिपाही एजेंटों के माध्यम से वसूली करते थे। भ्रष्टाचार मामले में मिर्जापुर के एआरटीओ का नाम आने से परिवहन विभाग में खलबली मच गई है।
जिले में ओवरलोडिंग नहीं की जा रही है। शासन के निर्देश पर ओवरलोडिंग करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। रात में चेकिंग के दौरान ओवरलोडिंग पाए जाने पर कार्रवाई भी की गई है।
-रविकांत शुक्ला, एआरटीओ
Grievance Document
Current Status
Case closed
Date of Action
18/11/2020
Remarks
Matter seems to be related with P.Secy. Parivahan. Pl. delete this reference from Home.
Rating
Poor
Rating Remarks
Matter seems to be related with P.Secy. Parivahan. Pl. delete this reference from Home. Sir, whether it is a rule framed by the government headed by the Yogi Adityanath that if the matter concerns to principal secretary Parivahan, then concerned staff delete the matter without processing the grievance. In the rule of law, accountable public functionaries ensure the supremacy of the law in the function of public authority. Whether concerned will tell the applicant that why concerned public functionaries in Mirzapur district removed the installed CCTV Cameras monitoring the movement of trucks at the outpost. If they did not remove it, then why did the police not lodge the F.I.R. in the matter when the aggrieved applicant submitted many representations quite obvious from the attached document to the representation. Here special investigation team works to pacify the anger of the public instead of taking action against the wrongdoers. Government must meditate on this issue of corrupt
Officer Concerns To
Officer Name
Shri Bhaskar Pandey
Officer Designation
Joint Secretary
Contact Address
Chief Minister Secretariat Room No.321 U.P. Secretariat, Lucknow
Email Address
bhaskarpandey2214@gmail.com
Contact Number
2226350

Sunday, 28 March 2021

Social Welfare Officer could not understand the contents of the grievance so submitted inconsistent arbitrary report

 


Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2021/15228

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
15/03/2021
Received By Ministry/Department
Uttar Pradesh
Grievance Description
The matter concerns the arbitrary denial of scholarship to the students belonging oppressed section by the department social welfare District Mirzapur. Aggrieved students are making complaint at the local level but they are not responding satisfactorily.
An application on behalf of Dheeraj Kumar Saroj belonging to scheduled caste under Article 51 A of the constitution of India to seek intervention of senior rank staffs as scholarship and fee reimbursement of the aggrieved applicant is not being provided by the concerned public authority arbitrarily. Detail of the aggrieved applicant-Dheeraj Kumar Saroj, Registration Number- 690040222001354, Name of the father-Hinchhlal Saroj, Category-Scheduled caste, Date of Birth-18/07/2000, Village-Bhasigawan, Post-Bhatauli, District-Mirzapur, PIN code-231001Aforementioned aggrieved applicant is the student of Bachelor of Art in third year in the post graduate college G.D. Binani College Mirzapur. Current status of the submitted online application for the scholarship is as follows. Enrollment/ Roll Number not matched with the university uploaded data, Marks mismatch, Result not uploaded yet, Attendance percentage is less than 75 percent. Reply of the aforementioned objections-From the attached status, it is quite obvious that aggrieved applicant made the renewal other than intermediate. He has got the scholarship in the first year and second year. Because of the coronavirus pandemic second year exam could not be conducted in pursuance of the government directives so there is no question to declare the result and those withheld the scholarship are well apprised with the fact. In third year when the institutions remain closed because of the Coronavirus pandemic, how will the students attend the classes?  Undoubtedly scholarship is withheld arbitrarily without adopting cogent approach in the matter so they may provide a logistic report in the matter so that next proceedings may be carried out. 
Most of the students were denied scholarship by taking the recourse of the same parrot comment.
Current Status
Case closed
Date of Action
20/03/2021
Remarks
अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित अधीनस्थ अधिकारी के स्तर पर निस्तारित
Rating
Poor
Rating Remarks
छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत आप द्वारा भरे गये ऑनलाइन आवेदन पत्र की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करने हेतु आप द्वारा स्वयं छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत बेवसाइट के माध्यम से अपना रजिस्टेशन नम्बर आदि भरकर छात्रवृत्ति शुल्कप्रतिपूर्ति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है अधिक जानकारी के लिए छात्रवृत्ति आवेदन पत्र एवं समस्त अभिलेख सहित कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी मीरजापुर में उपस्थित होकर स्थिति से अवगत होना चाहें Whether applicant is seeking status from the Social Welfare Officer Mirzapur or made complaint against his arbitrary denial of scholarship quite obvious from the contents of the submitted grievance? जिला समाज कल्याण अधिकारी Mirzapur submitted aforementioned report. Undoubtedly there is rampant corruption in the distribution of the scholarship to the oppressed section in the district Mirzapur.
Officer Concerns To
Officer Name
Shri Bhaskar Pandey
Officer Designation
Joint Secretary
Contact Address
Chief Minister Secretariat Room No.321 U.P. Secretariat, Lucknow
Email Address
bhaskarpandey2214@gmail.com
Contact Number
2226350



L.D.A. must seek documents from Dinesh Pratap Singh as custodian of documents and may ensure compliance of H.C. order

 








Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2021/17794

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
28/03/2021
Received By Ministry/Department
Uttar Pradesh
Grievance Description
Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2021/09185
Grievance Concerns To Name Of Complainant Yogi M P Singh
Date of Receipt 21/02/2021 Received By Ministry/Department Uttar Pradesh
Grievance Description-An application under Article 51 A of the constitution of India. संदर्भ संख्या : 60000210010604 , दिनांक – 13 Feb 2021 तक की स्थिति
आवेदनकर्ता का विवरण : शिकायत संख्या:-60000210010604 आवेदक का नाम- Yogi M P Singh
सचिव लखनऊ विकास प्राधिकरण ने अपने पत्र दिनांक २५/०३/२०२१ द्वारा जो की संयुक्त सचिव अरुण कुमार दुबे को सम्बोधित है पुनः वांछित अभिलेख की बात कर रहे है क्योकि विवाद से सम्बंधित कोई भी दस्तावेज न तो लखनऊ विकास प्राधिकरण के कार्यालय में है और न हीं पांचो भू खंड स्वामियों के पास है क्यों की वे अपने भूखंड का विक्रय के उपरांत समस्त मूल दस्तावेज दिनेश प्रताप सिंह को सौप दिए है
उपरोक्त द्वारा प्रार्थी से समस्त साक्ष्य और हलफनामा के साथ उपस्थित होने के लिए अनुरोध किया गया है श्री मान जी प्रार्थी द्वारा समस्त अभिलेख दिनेश प्रताप सिंह पुत्र श्री अंगद प्रसाद सिंह द्वारा उपलब्ध किये गए अभिलेखों की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई गई है और रंगीन स्कैन्ड कॉपी किसी भी मूल दस्तावेज की ऑथेंटिक प्रति होता है श्री मान जी प्रार्थी द्वारा उपलब्ध कराये गए दस्तावेजों के दो ही संरक्षक है १- खुद लखनऊ विकास प्राधिकरण जो सरकार का प्रतिनिधि है और विक्रेता है और २-क्रेता अर्थात आराधना सिंह उर्फ अनुराधा सिंह उर्फ गुड्डी सम्बंधित पांच भूखंडो की स्वामिनी जिनके पती का नाम बाबू सिंह है श्री मान जी आराधना सिंह उर्फ अनुराधा सिंह उर्फ गुड्डी के पास कोई दस्तावेज नहीं है मूल रूप में क्यों की समस्त दस्तावेज तीसरे क्रेता को अर्थात दिनेश प्रताप सिंह पुत्र श्री अंगद प्रसाद सिंह को मूल रूप में उपलब्ध करा दिया गया है श्री मान जी लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास कोई दस्तावेज नहीं है मूल रूप में क्यों की समस्त दस्तावेज इसलिए गायब कर दिए गए क्योकि संपत्ति रजिस्ट्री का कार्य कूट रचित दस्तावेज से सम्पादित करना था और माननीय उच्च न्यायालय के आदेश को जिसमे मालिकाना हक़ निश्चित करना था उसको नजरअंदाज करने की एक बड़ी साजिश थी श्री मान जी रही प्रार्थी को मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने की तो दिनेश प्रताप सिंह पुत्र श्री अंगद प्रसाद सिंह द्वारा पिछले बीसो सालो से उन्हें मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है जिनकी पुष्टि खुद लखनऊ विकास प्राधिकरण के दस्तावेज करते है श्री मान जी आपका आदेश हो तो दिनेश प्रताप सिंह पुत्र श्री अंगद प्रसाद सिंह द्वारा समस्त दस्तावेज आप की सेवा में पुनः प्रस्तुत किया जाय और आप माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में समस्त दस्तावेजों का परिशीलन करे साथ ही अनियमितताओं को भी जांच ले महोदय प्रार्थी द्वारा आप के समक्ष उन दस्तावेजों को प्रस्तुत करना जो की प्रार्थी के अभिरक्षा में नहीं है कैसे न्याय संगत हो सकता है जहा तक अनियमितता के सम्बन्ध में कार्यवाही का सम्बन्ध है वह कार्यवाही तो मूल दस्तावेजों के स्कैन कॉपी के आधार पर ही गतिशील है चूकि इस गंभीर अनियमितता में तत्कालीन कर्मचारी जांच की परिध में आ सकते है इसलिए आप जांच को दूसरा मोड़ देने का प्रयास कर रहे है आप से अपेक्षा है की आप मूल दस्तावेज दिनेश प्रताप सिंह पुत्र श्री अंगद प्रसाद सिंह तलब करे और संपत्ति मालिकाना हक़ निश्चित करे तथा उच्च न्यायालय का समादर सुनिश्चित करे और मामले का पटाक्षेप करे प्रार्थी से बार बार दस्तावेजों की मांग करना जिसका संरक्षक प्रार्थी नहीं है अबैध है आप प्रार्थी को कानून विरुद्ध कार्य करने के लिए बार बार दबाव न डाले क्योकि यह कृति भारतीय दंड विधान में अपराध की कोटि में आता है उसके लिए आप खुद उत्तरदायी होंगे
Grievance Document
Current Status
Grievance received
Date of Action
28/03/2021
Officer Concerns To
Forwarded to
Uttar Pradesh
Officer Name
Shri Bhaskar Pandey
Officer Designation
Joint Secretary
Contact Address
Chief Minister Secretariat Room No.321 U.P. Secretariat, Lucknow
Email Address
bhaskarpandey2214@gmail.com
Contact Number
2226350

Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2021/09185

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
21/02/2021
Received By Ministry/Department
Uttar Pradesh
Grievance Description
An application under Article 51 A of the constitution of India.
संदर्भ संख्या : 60000210010604 , दिनांक – 13 Feb 2021 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण : शिकायत संख्या:-60000210010604

आवेदक का नाम- Yogi M P Singh
In the aforementioned matter, an arbitrary report submitted by the public authority Lucknow Development Authority even when the matter concerns the deep rooted corruption.
Detail attached to grievance to take appropriate action in the matter as requires under the law.
If necessary contact me on my my mobile number-7379105911. Please adopt cogent approach in the matter.
प्रकरण का सम्बन्ध उ0प्र0 सरकार से नहीं है महोदय यह शब्द और वाक्य यह बता रहे है की उत्तर प्रदेश में कानून का राज्य नहीं है क्यों की हर नौकरशाह अपने आप की नौकर तो समझता ही नहीं है अरे आप जनता के सेवक है और सेवा के धर्म को समझिये मनमाना करने से कुछ भी हासिल नहीं The matter concerns the deep rooted corruption and joint secretary in the office of Yogi Adityanath disposing of grievance so negligently.
सोचिये एक गरीब आदमी पांच प्लाट खरीद कर एक मकान बनाएगा जो की पूर्ण रूप से अबैध और अप्राकृतिक है किन्तु लखनऊ विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रस्टाचार से ऐसा संभव हो रहा है प्रार्धना पत्र के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण के तीन इकरार नामा लगे है जो बाबू सिंह उसकी पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी और कनिष्क कुमार सिंह के है जिसको उपरोक्त प्राधिकरण के कर्मचारी शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी द्वारा सम्पादित किया गया है
Whether there is honesty in the government of Uttar Pradesh?
Undoubtedly it reflects the rampant corruption in the government machinery. Most surprising is that office of the chief minister of the Government of Uttar Pradesh is also acting in the support of this act of corruption.
Everyone knows that Lucknow development authority is a bastion of corrupt people which is the root cause time and again enquiry was carried out by the governments of Uttar Pradesh by various parties only to share the black income earned by them.
Grievance Document
Current Status
Case closed
Date of Action
25/03/2021
Remarks
PLEASE SEE THE ATTACHMENT.
Reply Document
Rating
Poor
Rating Remarks
L.D.A. sent the first communication on 26/09/2019 bearing letter number-206/OSD-R/2019 as information. They informed as concerned documents they have summoned. They are waiting for documents. L.D.A. sent the second communication on 24/10/2019 bearing letter number-302/OSD-R/2019 as information. They informed as concerned documents they have summoned. They are waiting for documents. L.D.A. sent the third communication on 06/02/2020 bearing letter number-516/OSD-R/2020 as information. They informed as concerned documents they have summoned. They are waiting for documents. L.D.A. sent the fourth communication on 29/09/2020 bearing letter number-791/OSD-R/2020 as information. They made same parrot reply as aforementioned. L.D.A. sent the fifth communication on 31/10/2020 bearing letter number-857/OSD-R/2020 as information. Now the special officer of Lucknow Development Authority is saying that he is taking action subsequently he will inform about the action taken to the applicant.
Officer Concerns To
Officer Name
Shri Bhaskar Pandey
Officer Designation
Joint Secretary
Contact Address
Chief Minister Secretariat Room No.321 U.P. Secretariat, Lucknow
Email Address
bhaskarpandey2214@gmail.com
Contact Number
2226350

Whether irritating messages to file income tax return by Department of Income Tax arbitrarily to citizens is justified

 


Beerbhadra Singh <myogimpsingh@gmail.com>

Why irritating messages are sent by the department of income tax arbitrarily to file income tax return even when individual and his family is on the verge of hunger?
1 message

Beerbhadra Singh <myogimpsingh@gmail.com>Sun, Mar 28, 2021 at 1:22 PM
To: pmosb <pmosb@pmo.nic.in>, presidentofindia@rb.nic.in, urgent-action <urgent-action@ohchr.org>, supremecourt <supremecourt@nic.in>, cmup@up.nic.in, hgovup@up.nic.in, uphrclko@yahoo.co.in, csup@up.nic.in, Anjali Anand Srivastava <secy-cic@nic.in>
An application under article 51 A of the constitution of India to curb flow of irritating messages to students, unemployed youths and poor citizens living under poverty by the department of income tax regarding filing of income tax return. 

Most revered Sir –Your applicant invites the kind attention of the Hon’ble Sir with due respect to the following submissions as follows. 

1-It is submitted before the Hon’ble Sir that  51A. Fundamental duties It shall be the duty of every citizen of India (a) to abide by the Constitution and respect its ideals and institutions, the National Flag and the National Anthem;(h) to develop the scientific temper, humanism and the spirit of inquiry and reform; 

(i) to safeguard public property and to abjure violence; 

(j) to strive towards excellence in all spheres of individual and collective activity so that the nation constantly rises to higher levels of endeavour and achievement. 

  2-It is submitted before the Hon’ble Sir that the following is explicit criteria setup by the government of India to serve the notices to seek income tax return. It is most unfortunate that the department of income tax because of rampant corruption of its staffs by sitting in their luxury offices used to send irritating messages to file income tax return to the innocent and gullible citizens on their mobile phones and emails. 

Mandatorily filing of income tax return
As per income tax laws, ITR must be mandatorily filed if a resident individual's total income during the financial year exceeds the basic exemption limit. Remember, the basic exemption limit for an individual depends on his/her age.

 For FY 2019-20, the basic exemption limit is as follows:

Age of an individual Below 60 years of age

Basic exemption limit (Rs)  2,50,000

Age of an individual Between 60 and 80 years of age (Senior citizen)

Basic exemption limit (Rs)  3,00,000

Age of an individual 80 years and above (Super Citizen)
Basic exemption limit (Rs)  5,00,000

When your gross total income does not exceed basic exemption limit

In certain cases, even if the gross total income does not exceed the exemption limits as mentioned above, you have to mandatorily file income tax return. As per current income tax law, income tax return for FY 2019-20 must be mandatorily filed before January 10, 2021, if:

a)Individual has spent an amount or aggregate of amounts exceeding Rs 2 lakh for himself/herself or any other person for travel to

b)Individual has deposited an amount or aggregate of amounts exceeding Rs 1 crore in one or more current accounts maintained with a bank or co-operative bank;
c)Individual has paid electricity bill exceeding Rs 1 lakh in a single bill or on aggregate basis during the financial year;
d)Ordinarily resident individual having income from foreign countries and/or assets in foreign countries and/or having signing authority in any account outside India; and
e)If an individual's gross total  income exceeds the exemption limit before claiming tax exemption on capital gains under section 54, 54B, 54D, 54EC, 54F, 54G, 54GA or 54GB

.
    3-It is submitted before the Hon’ble Sir that undoubtedly notice of the income tax has value but such streams of irritating messages are reflecting sheer lawlessness and anarchy originating from corruption. Only to sit in the office can not curb tax evasion and when public spirited individuals inform about tax evasion, then instead of taking any action only shields the wrongdoers. Please visit on this link

 
      

खुदा भी आसमाँ से जब जमी पे देखता होगा | 

             इस मेरे प्यारे देश को क्या हुआ सोचता होगा||

This is a humble request of your applicant to you Hon’ble Sir that how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos arbitrarily by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray for you, Hon’ble Sir.

Date-28/03/2021           Yours sincerely

                              Yogi M. P. Singh, Mobile number-7379105911,

 Mohalla- Surekapuram, Jabalpur Road, 

District-Mirzapur, Uttar Pradesh, Pin code-231001.   

Junior engineer development authority Mirzapur seeking 1 lakh bribe from Tantrik K. P Singh for construction of a temple in the Mirzapur

  भारत सरकार Government of India कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय Ministry of Personnel, Public Grievances & Pensions Eng CPGRAMS W...