Saturday, January 14, 2023

Government is providing huge fund for cowsheds, then why mother cow family is left on streets to be beaten with sticks and assault on people



 

संदर्भ संख्या : 40019923000319, दिनांक - 14 Jan 2023 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-40019923000319

आवेदक का नाम-Yogi M P Singhविषय-श्रीमान जी गाय और बैल के लिए उत्तर प्रदेश सरकार खुद हमारे मुख्यमंत्री महोदय योगी आदित्यनाथ जी पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं इतना पैसा खर्च किए हैं कि हर विकासखंड में 10 गौशाला में बन जाती किंतु बड़ा आश्चर्य की बात है आज भी गौमाता परिवार के सदस्य सड़कों पर लाठियां खा रहे क्या यही न्याय है इन बेजुबान जानवरों की इतनी बड़ी दुर्दशा क्यों क्यों गौशाला में खाली है उन में पशुओं को क्यों नहीं रखा जा रहा है कड़कड़ाती हुई ठंड में हमारे गौ माता परिवार के सदस्य खुले आसमान के नीचे शरीर को सिकूड़े हुए काप रहे हैं No lane in Mirzapur city is free from stray animals but the district magistrate and concerned staff only manage the situation through print media. Grievance Status for registration number GOVUPE202286179 Grievance Concerns To Name Of Complainant Yogi M. P. Singh Date of Receipt 18102022Where is the 200 crore budget for the upkeep of stray animals by the Yogi government in the state of Uttar Pradesh? This is the third budget of the Adityanath government in the state. LUCKNOW The Uttar Pradesh government Thursday allocated Rs 1,200 crore for a scheme for girls and Rs 612 crore for stray cattle and construction of cow shelters in the Budget for the 2019-20 financial year ahead of the Lok Sabha polls. Rs 247.60 crore has been allocated for the maintenance and construction of cow sheds in the Uttar Pradesh Budget year 2019-20. Rs 200 crores have been earmarked for the upkeep of stray cattle in the Uttar Pradesh Budget year 2019-20. A provision of Rs 40 crore has been made to set up impounding housescattle shelter homes under the 'Kanha Gaushala Evam Beshara Pashu Ashraya Yojna in the new budget. Think about the gravity of the situation that most of the stray animals are still wandering on the roads. Just in front of my gate, there are five cows which proves the mismanagement of the department. Pictures are attached for your perusal. Information sought concerning the fund spent on the construction of cow sheds is still pending before the public authority for many months. श्रीमान जी प्रार्थी भी गौ सेवा का समर्थक है और चाहता है कि गौ माता के साथ कोई अन्याय ना हो। Sir, the applicant is also a supporter of cow service and wants that no injustice should be done to the mother cow. श्रीमान जी मिर्जापुर शहर की कोई ऐसी गली नहीं है जहां पर आधा दर्जन कम से कम पशु ना हो जबकि योगी आदित्यनाथ जी जी द्वारा पर्याप्त धन जिला पंचायत को भी दिया गया नगरपालिका को भी दिया गया और क्षेत्र पंचायतों को भी दिया गया। इस बात की पुष्टि ना ही सिर्फ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कर रहे हैं किंतु विभिन्न विभागों से जन सूचना अधिकार 2005 के तहत मांगे गए दस्तावेज भी कर रहे हैं। किंतु उस धन का उपयोग बहुत गलत ढंग से अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किया गया है उस धन का अधिकांश भाग सीधे लोगों की जेब में गया है जिसकी वजह से गौ माता की व्यवस्था जो होनी चाहिए थी वह नहीं हुई है। सोचिए धर्म का स्तर कितना गिर गया है आज इस भारत देश में गौ माता के लिए आया हुआ धन लोगों ने अपनी जेब भरने का काम किया यह किस तरह से उचित है और आज भी गौमाता परिवार के सदस्य सड़कों पर टहल रहे हैं और लाठियां खा रहे हैं। महोदय इस शिकायत के साथ कुछ तस्वीर संलग्न है कृपया उन तस्वीरों का अवलोकन करें जिससे गौमाता की दशा में कुछ सुधार हो।Sir, there is no street in Mirzapur city where there is not at least half a dozen animals, while adequate funds were given by Yogi Adityanath ji to the district panchayat, to the municipality and also to the area panchayats. This is confirmed not only by print and electronic media but also by documents sought from various departments under the Right to Information Act, 2005.

विभाग -नगर पालिका परिषदशिकायत श्रेणी -

नियोजित तारीख-13-01-2023शिकायत की स्थिति-

स्तर -नगर पालिका / नगर पंचायतपद -अधिशासी अधि‍कारी,नगर पंचायत /पालिका

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -दिनांक14-01-2023 को फीडबैक:-श्रीमान जी नगरपालिका के स्टाफ जो आवारा पशुओं को पकड़ते हैं एक जगह पकड़ कर कहीं दूसरी जगह ले जाकर छोड़ देंगे। श्रीमान जी क्या इस तरह से समस्या का समाधान हो सकता है। श्रीमान जी इन आवारा पशुओं के कारण आए दिन ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती है किंतु प्रशासन असंवेदनशील बना रहता है। सोचिए शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं क्या यह प्रदर्शित नहीं करता की हमारी प्रशासनिक व्यवस्था लोगों की समस्याओं के प्रति कितना असंवेदनशील है। श्रीमान जी क्या सुशासन की यही परिभाषा है। आए दिन लोग इन आवारा पशुओं के कारण चोटिल होते रहते हैं लेकिन इसका कोई असर प्रशासन पर नहीं पड़ता है। श्रीमान जी आप द्वारा तोते की तरह रटा रटाया जवाब दिया गया है जो किसी भी तरह से प्रार्थी को स्वीकार्य नहीं है। Sir, the municipal staff who catch stray animals will catch them at one place and take them to another place and leave them. Sir, can this problem be solved in this way? Sir, due to these stray animals, there is a problem of traffic jam every day, but the administration remains insensitive. Think, despite complaints, no action is being taken, does it not show how insensitive our administrative system is to the problems of the people. Sir, is this the definition of good governance? People keep getting injured due to these stray animals but it does not affect the administration. Sir, you have given rote answer like a parrot which is not acceptable to the applicant in any way.

फीडबैक की स्थिति -

संलग्नक देखें -Click here

नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी अग्रसारित दिनांक आदेश आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति आपत्ति देखे संलगनक

1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 06-01-2023 अधिशासी अधि‍कारी,नगर पंचायत /पालिका -मिर्ज़ापुर 11-01-2023 श्रीमान जी की सेवा में विस्तृत आख्या फोटो साक्ष्य के साथ सादर प्रेषित है निस्तारित