Police registered case under section 325/323/504 of IPC but offenders are hurling abuses on victim before investigation officer implies credibility

 


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Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2022/0245565

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Lalit Mohan Kasera
Date of Receipt
17/09/2022
Received By Ministry/Department
Prime Ministers Office
Grievance Description
The matter concerns the laxity of the police in the matter of serious assault by the offenders on the applicant cum victim. Details of the applicant is as follows. Applicant cum Victim/ आवेदक का नाम-Lalit Mohan Kaseraविषय-Victim-ललित मोहन कसेरा पुत्र स्वर्गीय कल्लू राम कसेरा पता-पैरिया टोला, बर्फ वाली गली , पुलिस स्टेशन-कोतवाली कटरा सिटी पोस्ट ऑफिस, तहसील सदर ,जिला मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश पिनकोड २३१००१ ,Mobile number-9452634200. Details of the offenders are as follows. 1-Romil Kasera in Hindi रोमिल कसेरा पिता का नाम -ललित मोहन कसेरा पता-पैरिया टोला, बर्फ वाली गली , पुलिस स्टेशन-कोतवाली कटरा सिटी पोस्ट ऑफिस, तहसील सदर ,जिला मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश पिनकोड २३१००१ २-Pradeep Kumar Kasera in hindi प्रदीप कुमार कसेरा पुत्र स्वर्गीय कल्लू राम कसेरा पता-पैरिया टोला, बर्फ वाली गली , पुलिस स्टेशन-कोतवाली कटरा सिटी पोस्ट ऑफिस, तहसील सदर ,जिला मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश पिनकोड २३१००१ . ३-Raj Kumar Kasera in hindi राज कुमार कसेरा पुत्र स्वर्गीय कल्लू राम कसेरा पता-पैरिया टोला, बर्फ वाली गली , पुलिस स्टेशन-कोतवाली कटरा सिटी पोस्ट ऑफिस, तहसील सदर ,जिला मिर्ज़ापुर उत्तर प्रदेश पिनकोड २३१००१ Short submissions are as follows.1-प्रदीप कुमार कसेरा पुत्र स्वर्गीय कल्लू राम कसेरा और राज कुमार कसेरा पुत्र स्वर्गीय कल्लू राम कसेरा द्वारा रोमिल कसेरा पिता का नाम -ललित मोहन कसेरा उकसा कर गालिया दिलवाना और उपरोक्त दोनों द्वारा प्रार्थी को झूठे केस में फ़साने की साजिस का प्रयास करना २-दिनांक ११ सितम्बर २०२२ चौकी इंचार्ज के जांच के समय प्रार्थी के साथ रोमिल कसेरा द्वारा उपरोक्त दोनों के उकसाने पर अभद्र व्योहार करना ऐसा प्रतीत होता है उनमे पुलिस का भय ही समाप्त है ३-दिनांक ११ सितम्बर २०२२ को घर का मुख्य गेट रात्रि ८ बजे ही बंद कर दिया गया प्रार्थी द्वारा गेट को खोलने के अनुरोध करने पर भी नहीं खोला गया उपरोक्त दोनों द्वारा रोमिल कसेरा का ब्रेन वाश किया जा रहा है जिससे कोई भी अनहोनी हो सकती है ४-दिनांक ११ सितम्बर २०२२ को पार्थी द्वारा १०० नंबर पुलिस को बुलाया गया तब तीनो अपराधी ताला खोल कर भाग निकले पुलिस ने प्रार्थी को चौकी पर आने को कहा प्रार्थी काफी देर तक चौकी पर बैठा रहा फिर १०० नंबर पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने कहा  मेरा कार्य हो गया अर्थात पुलिस ने प्रार्थी को ही परेशान किया क्योकि मुल्जिम तो भाग निकले   धारा 325 का विवरण
भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के अनुसार, धारा 335 द्वारा प्रदान किए गए मामले को छोड़कर जो कोई भी किसी दूसरे व्यक्ति को स्वेच्छापूर्वक गंभीर चोट पहुचाता है तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे सात वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, और साथ ही वह आर्थिक दंड के लिए भी उत्तरदायी होगा।

लागू अपराध
स्वेच्छापूर्वक किसी को गंभीर चोट पहुचाना
सजा - सात वर्ष कारावास + आर्थिक दंड।

यह एक जमानती, संज्ञेय अपराध है और किसी भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।इसके अलावा अपराधिओं पर पुलिस द्वारा ३२३ और ५०४ लगाया गया है किन्तु अभी तक गिरप्तारी की कार्यवाही नहीं की गई और अभियुक्त पुलिस के सामने प्रार्थी को धमका रहे है जो कानून व्यवस्था का भद्दा मजाक है श्री मान जी धारा ३२५ , ३२३ और ५०४ भारतीय दंड विधान की धाराएं लगाने के बाद पुलिस के समक्ष प्रार्थी के साथ बदसलूकी पुलिस की अखंडता पर सवालिया निसान नहीं पैदा करते है पुलिस की अखंडता संदिग्ध नहीं है 
After lengthy struggle Lalit Mohan Kasera succeeded to register F.I.R. against the offenders under section 325, 323 and 504 of I.P.C.but no action still. Police must arrest offenders as soon as possible. Six stitches in head, bone of palm broken, and no part of body left uninjured, but police did not take any action. Lalit Mohan Kasera
Sir, the applicant got six stitches in the head which might be fatal to the applicant, Sir, the applicant suffered a fracture of the bone of the hand, there was no part of the body which was not hurted by the offenders and blood of the applicant spread on the floor and the scenario was terrific but think about integrity of the police concerned that still no F.I.R. has been registered in the matter . The case has not even been registered under the appropriate sections, is this the working style of the police in the Yogi government, the poor and the oppressed section get justice in this way in the Yogi government where the first information report of the people is not even
Grievance Document
Current Status
Grievance Received   
Date of Action
17/09/2022
Officer Concerns To
Forwarded to
Prime Ministers Office
Officer Name
Mukul Dixit ,Under Secretary (Public)
Organisation name
Prime Ministers Office
Contact Address
Public Wing 5th Floor, Rail Bhawan New Delhi
Email Address
us-public.sb@gov.in
Contact Number
011-23386447

2 Comments

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  1. Sir, the applicant got six stitches in the head which might be fatal to the applicant, Sir, the applicant suffered a fracture of the bone of the hand, there was no part of the body which was not hurted by the offenders and blood of the applicant spread on the floor and the scenario was terrific but think about integrity of the police concerned that still no F.I.R. has been registered in the matter . The case has not even been registered under the appropriate sections, is this the working style of the police in the Yogi government, the poor and the oppressed section get justice in this way in the Yogi government where the first information report of the people is not even registered.

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  2. Undountedly the police has registered the first information report in the matter but it is showing laxity by not taking action against the offenders. Because of the pressure of the government they registered FIR but the action depends upon them whether they will take action in the matter or not?

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