Tax evasion is on the large scale by colluding with staff of department of trade Tax as alleged by Deepak Kumar Maurya

 



जीविकोपार्जन हेतु किसी को आवश्यकतानुसार ईंट, बालू, गिट्टी आदि की सप्लाई कमीशन पर करते हैं। बताया गया कि उनकी कोई दुकान नहीं है। यह भी बताया गया कि सर्वश्री एच0एस0 हार्डवेयर हथिया फाटक इमामबाड़ा के प्रोपराइटर मो0 सद्दाम हैं जिसका जी0एस0टी0एन0 09BYWPS9818K1Z2 हैं। मो0 सद्दाम के द्वारा भी दीपक कुमार मौर्या को उक्त तिथि में 67 बोरी सीमेन्ट बेचा जाना स्वीकार नहीं किया गया है

Undoubtedly, shop named as  H.S.S. Hardware, Hathiya Fatak, Imambara is registered with the name of Mohammad Saddam but it is coordinated by Mohammad Sahid and illegal trade is being performed by Mohammad Sahid. It is quite obvious that tax evasion on the large scale is in practice by not providing receipts to the customers and customers are also being cheated by Mohammad Sahid and Mohammad Saddam by colluding with the staff of the department of trade government of Uttar Pradesh. निस्संदेह, दुकान का नाम एच.एस.एस. हार्डवेयर, हथिया फाटक, इमामबाड़ा मोहम्मद सद्दाम के नाम से पंजीकृत है लेकिन इसका संचालन मोहम्मद साहिद द्वारा किया जाता है और अवैध व्यापार मोहम्मद साहिद द्वारा किया जा रहा है। जाहिर सी बात है कि उत्तर प्रदेश के व्यापार विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से ग्राहकों को रसीद न देकर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही है और ग्राहकों को भी ठगा जा रहा है

Factual position is that department itself accepted the fact that Mohammad Shahid itself acting like commission agent because there is substantial evidence of payment of Rs.89330 to the shopkeeper Mohammad Shahid  but cash memo not made available by the shopkeeper which is setup practice in the district Mirzapur to pave the way of TAX evasion in the district and staff of department of  trade are shielding him that he is earning livelihood through commission by working with  H.S.S. Hardware, Hathiya Fatak, Imambara. तथ्यात्मक स्थिति यह है कि विभाग ने स्वयं इस तथ्य को स्वीकार किया है कि मोहम्मद शाहिद स्वयं कमीशन एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं क्योंकि दुकानदार मोहम्मद शाहिद एच.एस.एस. हार्डवेयर, हाथी फाटक, इमामबाड़ा को 89330 रुपये के भुगतान के पर्याप्त सबूत हैं, लेकिन दुकानदार द्वारा कैश मेमो उपलब्ध नहीं कराया गया है जो कि जिला मिर्जापुर जिले में कर चोरी का मार्ग प्रशस्त करने के लिए  जिले में स्थापित है।  और व्यापार विभाग के कर्मचारी उसे बचा रहे हैं कि वह एच.एस.एस. हार्डवेयर, हाथी फाटक, इमामबाड़ा के कमीशन एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैंUndoubtedly on paper the proprietor is Mohammad Saddam but Mohammad Sahid is proxy proprietor to carry out illegal trade.  निस्संदेह कागज पर मालिक मोहम्मद सद्दाम है लेकिन मोहम्मद साहिद अवैध व्यापार करने के लिए प्रॉक्सी मालिक है In the report of police sub inspector, Mohammad Sahid has been accepted as the proprietor of the  H.S.S. Hardware, Hathiya Fatak, Imambara which is evident from page 2 of attached document but in the report of circle officer city, Mohammad Sahid has been replaced through manipulation by Mohammad Saddam, quite obvious from page 1 of attached document. पुलिस सब इंस्पेक्टर की रिपोर्ट में मोहम्मद शाहिद को एच.एस.एस. हार्डवेयर, हथिया फाटक, इमामबाड़ा का proprietor स्वीकार किया गया है जो संलग्न दस्तावेज के पृष्ठ 2 से स्पष्ट है, लेकिन सर्कल अधिकारी शहर की रिपोर्ट में, मोहम्मद शाहिद  को मोहम्मद सद्दाम द्वारा हेरफेर के माध्यम से बदल दिया गया है, जो संलग्न दस्तावेज़ के पृष्ठ 1 से बिल्कुल स्पष्ट है

संदर्भ संख्या : 40019922015934 , दिनांक - 23 Jul 2022 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-40019922015934

आवेदक का नाम-Deepak Kumar Mauryaविषय-Sir, cash memo of payment of Rs.89330 to the shopkeeper Mohammad Shahid , Proprietor H.S.S. Hardware Address-Hathiya Fatak, Imambada, Police Station-Kotwali Katra, Mirzapur city District Mirzapur,PIN Code 231001, Mobile number-7347821447 second mobile number-7348570454 must be made available to applicant as under the protection and maintenance of records concerning business is mandatory under the law.महोदय, दुकानदार मोहम्मद शाहिद, मालिक एच.एस.एस. हार्डवेयर पता-हथिया फाटक, इमामबाड़ा, थाना-कोतवाली कटरा, मिर्जापुर शहर जिला मिर्जापुर, पिन कोड 231001, मोबाइल नंबर-7347821447 दूसरा मोबाइल नंबर-7348570454 को 89330 रुपये के भुगतान का कैश मेमो आवेदक को उपलब्ध कराया जाना चाहिए क्योंकि व्यवसाय से संबंधित अभिलेखों के संरक्षण और रखरखाव कानून के तहत अनिवार्य है Sir, there is evidence of payment of Rs.89330 to the shopkeeper but cash memo not made available by the shopkeeper which is setup practice in the district Mirzapur to pave the way of TAX evasion. In this practice shopkeeper is defaulter not applicant. महोदय, दुकानदार को 89330 रुपये के भुगतान का प्रमाण है लेकिन दुकानदार द्वारा कैश मेमो उपलब्ध नहीं कराया गया है जो कर चोरी का मार्ग प्रशस्त करने के लिए जिला मिर्जापुर में स्थापित है इस प्रथा में दुकानदार डिफॉल्टर है आवेदक नहीं Whether applicant is demanding compensation through police from the erring shopkeeper? क्या आवेदक दोषी दुकानदार से पुलिस के माध्यम से मुआवजे की मांग कर रहा है? The job of the police is to curb illegal activities going on in the society but police prefers to be judge in such matters to allow sale of spurious cement in the market.पुलिस का काम समाज में चल रही अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना है लेकिन पुलिस ऐसे मामलों में जज बनना पसंद करती है ताकि बाजार में नकली सीमेंट की बिक्री हो सकेThis matter is bipolar. One of the poles is to curb illegal sale of spurious cement and the other pole is to compensate damages. Here police are safeguarding sellers of spurious cement. यह मामला बाइपोलर है। एक पोल नकली सीमेंट की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए और दूसरा पोल नुकसान की भरपाई के लिए है। यहां पुलिस नकली सीमेंट बेचने वाले की सुरक्षा कर रही है Police failed to pursue its duties to curb illegal sale of spurious cement counselling the applicant how to seek compensation? नकली सीमेंट की अवैध बिक्री को रोकने के लिए पुलिस अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रही, आवेदक को परामर्श दिया गया कि मुआवजा कैसे मांगा जाए?श्री मान जी प्रार्थी द्वारा ८९३३० रुपये ऑनलाइन पेमेंट किया गया है जिसका प्रमाण प्रार्थी द्वारा कुमार संतोष चौकी प्रभारी नटवां को उपलब्ध कराया तथा व्हाट्स ऍप चैटिंग Mohammad Shahid , Proprietor H.S.S. Hardware,के साथ की है भुगतान के सम्बन्ध में जो प्रमाणित और सिद्ध करता है की प्रार्थी द्वारा अल्ट्राटेक सीमेंट मोहम्मद शाहिद की दूकान से खरीदा गया है प्रार्थी द्वारा मोहम्मद शाहिद से की गई बातचीत की वॉइस रिकॉर्डिंग इस बात की पुष्टि करता है की प्रार्थी द्वारा सीमेंट मोहम्मद शाहिद की दूकान से खरीदा गया है खुद कुमार संतोष चौकी प्रभारी नटवां गवाहों विनीत कुमार मौर्या और धीरज कुमार मौर्या के समक्ष यह बात कही है श्री मान जी प्रार्थी द्वारा ८९३३० रुपये ऑनलाइन पेमेंट किया गया है मोहम्मद शाहिद की दूकान में सीमेंट और सरिया बेचा जाता है किसी भी रशीद की कार्बन कॉपी या कॉपी खुद दुकानदार के अपने रिकॉर्ड में होनी चाहिए किन्तु कुमार संतोष चौकी प्रभारी नटवां न्यायाधीश की तरह यही बरगलाते रहे तुम्हारे पास रशीद नहीं है जब की दूकानदार के रिकॉर्ड को चेक करके सच्चाई जानने का प्रयास नहीं किया गया श्री मान जी दुकन द्वारा कोई रशीद दी ही नहीं जाती सच्चाई तो यह है किन्तु ईमानदार कुमार संतोष चौकी प्रभारी नटवां का ध्यान इस और गया ही नहीं सोचिये नकली सीमेंट बेचने वा

विभाग -वाणिज्य कर विभागशिकायत श्रेणी -

नियोजित तारीख-29-07-2022शिकायत की स्थिति-

स्तर -जनपद स्तरपद -उपायुक्त

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -दिनांक को फीडबैक:-

फीडबैक की स्थिति -

संलग्नक देखें -Click here

नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अधीनस्थ द्वारा प्राप्त आख्या :

क्र.स. सन्दर्भ का प्रकार आदेश देने वाले अधिकारी आदेश दिनांक आदेश आख्या देने वाले अधिकारी आख्या दिनांक आख्या स्थिति आपत्ति देखे संलगनक

1 अंतरित ऑनलाइन सन्दर्भ 09-07-2022 उपायुक्त-मिर्ज़ापुर,वाणिज्य कर विभाग 22-07-2022 शिकायतकर्ता को सूचित करना है कि आपकी शिकायत के सम्बन्ध में वाणिज्य कर अधिकारी खण्ड 2 मीरजापुर द्वारा मो0 शाहिद की दिनांक 21 जुलाई 2022 को जांच की गयी। जांच में पाया गया कि सप्लायरकर्ता विभाग में पंजीकृत नहीं हैं। सप्लायरकर्ता द्वारा जांच अधिकारी को बताया गया कि जीविकोपार्जन हेतु किसी को आवश्यकतानुसार ईंट, बालू, गिट्टी आदि की सप्लाई कमीशन पर करते हैं। बताया गया कि उनकी कोई दुकान नहीं है। यह भी बताया गया कि सर्वश्री एच0एस0 हार्डवेयर हथिया फाटक इमामबाड़ा के प्रोपराइटर मो0 सद्दाम हैं जिसका जी0एस0टी0एन0 09BYWPS9818K1Z2 हैं। मो0 सद्दाम के द्वारा भी दीपक कुमार मौर्या को उक्त तिथि में 67 बोरी सीमेन्ट बेचा जाना स्वीकार नहीं किया गया है। निस्तारित


2 Comments

Whatever comments you make, it is your responsibility to use facts. You may not make unwanted imputations against any body which may be baseless otherwise commentator itself will be responsible for the derogatory remarks made against any body proved to be false at any appropriate forum.

  1. Factual position is that department itself accepted the fact that Mohammad Shahid itself acting like commission agent because there is substantial evidence of payment of Rs.89330 to the shopkeeper Mohammad Shahid but cash memo not made available by the shopkeeper which is setup practice in the district Mirzapur to pave the way of TAX evasion in the district and staff of department of trade are shielding him that he is earning livelihood through commission by working with H.S.S. Hardware, Hathiya Fatak, Imambara.

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  2. यह सच है कि संबंधित विभाग कर चोरी को प्रश्रय दे रहा है इसीलिए वह ठीक ढंग से सूचनाएं उपलब्ध कराने से भाग रहा है जो कि किसी ढंग से भी एक स्वस्थ सरकारी तंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है ऐसी कुप्रथा ओं को रोकना चाहिए और एक सुशासन जनता को देनी चाहिए यही हमारे नेताओं का नैतिक कर्तव्य है किंतु भ्रष्टाचार के कारण ऐसा संभव नहीं हो रहा है

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