Vandana Singh submitted representation before U.P.H.R.C. against humiliating treatment of proprietor of Sahara Nursing Home









Submissions of Vandana Singh before Uttar Pradesh Human Rights Commission against the humiliating treatment of the proprietor of the Sahara Nursing Home. 

An application under Article 51 A of the constitution of India on behalf of Vandana Singh daughter of Nandlal Singh to make complaint against biased and prejudiced approach of concerned police. शिकायत संख्या:-40017522065911. आवेदक का नाम-Yogi M. P. Singh, quite obvious from the attached report of the circle officer, Karchhana, 
To                                                                           Mr. Rajesh Kumar Yadav, District-Prayagraj, Uttar Pradesh

                                      Honourable Chairman  / Member                                                                                                          
                                       State Human Rights Commission, Uttar Pradesh 

Subject Police is not registering F.I.R. in the case concerning humiliation of a lady and her younger brother by the proprietor of the Sahara Nursing Home situated at Gauhaniya, Banda Road, District-Prayagraj, Uttar Pradesh. 

Honourable Sir,                                   

                        Here deponent cum pledger affirms as follows. 
1-Regarding inaction of the Ghoorpur police station in registering F.I.R. against the atrocity perpetrated by the proprietor of Sahara Nursing home on Vandana Singh and his younger brother at Gohania, Prayagraj. More detail is attached to the complaint. 

घूरपुर थाना द्वारा एफ0आई0आर0 दर्ज करने में निष्क्रियता बाबत गोहनिया, प्रयागराज में वंदना सिंह और उनके छोटे भाई पर सहारा नर्सिंग होम के मालिक द्वारा किए गए अत्याचार के खिलाफ 

2- Here entire evidence and video clips were made available to concerned police and a signed request submitted by Vandana Singh itself on the advice of circle officer Karchhana. Whether police after registering F.I.R. under the u/s 154 of the Cr.P.C.. summoned Vandana Singh to record the statement under the following section  of The Code Of Criminal Procedure, 1973,
3-Central Government ActSection 160 in The Code Of Criminal Procedure, 1973,160. Police officer' s power to require attendance of witnesses.

(1) Any police officer, making an investigation under this Chapter may, by order in writing, require the attendance before himself of any person being within the limits of his own or any adjoining station who, from the information given or otherwise, appears to be acquainted with the facts and circumstances of the case and such person shall attend as so required: Provided that no male person under the age of fifteen years or woman shall be required to attend at any place other than the place in which such male person or woman resides.
(2) The State Government may, by rules made in this behalf, provide for the payment by the police officer of the reasonable expenses of every person, attending under sub- section (1) at any place other than his residence.
4-Whether the lackadaisical approach of the concerned sub inspector, chauki Gauhaniya and circle officer, Karchhana, quite obvious from his attached report dated 28 April 2022 is justified in the case of atrocity perpetrated by the proprietor of Sahara Nursing home. 
5- प्राप्त फीडबैक -दिनांक21-04-2022 को फीडबैक:-थानाध्‍यक्षप्रभारी नि‍रीक्षकघूरपुर,जनपदप्रयागराज ,पुलिस आप की रिपोर्ट बहुत ही चौकाने वाली है कॅश मेमो रिसीप्ट से स्पस्ट है मरीज विश्वम सिंह सहारा नर्सिंग होम में तीन अप्रैल २०२२ को एडमिट हुआ तथा आठ अप्रैल २०२२ को प्रार्थिनी के अनुनय विनय पर डिस्चार्ज किया गया प्रार्थिनी और उसके भाई को इस लिए बेइज्जत किया गया क्योकि वे मनमाने प्रभारो का विरोध कर रहे थे उसका वीडियो क्लिप गौहनिया पुलिस चौकी इंचार्ज जो की प्रकरण में जांच अधिकारी भी है को उपलब्ध करा दिया गया है उनके द्वारा यूज़ किया गया मोबाइल नंबर ९५५५३२८७२५ जिस पर व्हाट्स ऍप चलता है उस पर भेजा हुआ है जिस लिंक को उन्होंने देखा भी है महोदय ४७२१६ रुपये आठ दिन के इलाज का है जांच अधिकारी श्री मिश्रा जी जब पांच ही दिन इलाज हुआ है तो आप छह और आठ दिन की बात क्यों कर रहे है श्री मान जी जब आठ से छह दिन करने में इतनी बेइज्जत हुई वंदना सिंह तो जान बची लाखो पाए लौट के बुद्धू घर पर आये श्री मान जी वीडियो को देखिये गौहनिया में पुलिस का राज है या सहारा नर्सिंग होम के मालिक का राज है श्री मान जी तीन हजार रुपये प्रति दिन बेड का चार्ज है अर्थात नौ हजार यही घट गया १ हजार पर प्रति दिन डॉक्टर का चार्ज है तीन हजार वही घट जाएगा अर्थात १२ हजार सीधे घट जाएगा शिकायत के साथ रशीद लगा हुआ है चुकी इस फीडबैक के साथ प्रकरण वरिष्ठ अधिकारी को प्रेषित हो जाएगा इस लिए वे अपना व्हाट्स ऍप नंबर उपलब्ध करा दे जिससे उनको वीडियो क्लिप उपलब्ध करा दिया जाय
This is a humble request of your applicant to you, Hon’ble Sir, how can it be justified to withhold public services arbitrarily and promote anarchy, lawlessness and chaos arbitrarily by making the mockery of law of land? There is need of the hour to take harsh steps against the wrongdoer to win the confidence of citizenry and strengthen the democratic values for healthy and prosperous democracy. For this, your applicant shall ever pray for you, Hon’ble Sir.

Date-17/05/2022                                                  Yours sincerely
                                                                  Vandana Singh D/O Nand Lal Singh  
                                                        Village Babura, post office Babura district Mirzapur PIN Code 231307 mobile number 7459814605 

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Whatever comments you make, it is your responsibility to use facts. You may not make unwanted imputations against any body which may be baseless otherwise commentator itself will be responsible for the derogatory remarks made against any body proved to be false at any appropriate forum.

  1. Here entire evidence and video clips were made available to concerned police and a signed request submitted by Vandana Singh itself on the advice of circle officer Karchhana. Whether police after registering F.I.R. under the u/s 154 of the Cr.P.C.. summoned Vandana Singh to record the statement under the following section of The Code Of Criminal Procedure, 1973,

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  2. प्राप्त फीडबैक -दिनांक21-04-2022 को फीडबैक:-थानाध्‍यक्षप्रभारी नि‍रीक्षकघूरपुर,जनपदप्रयागराज ,पुलिस आप की रिपोर्ट बहुत ही चौकाने वाली है कॅश मेमो रिसीप्ट से स्पस्ट है मरीज विश्वम सिंह सहारा नर्सिंग होम में तीन अप्रैल २०२२ को एडमिट हुआ तथा आठ अप्रैल २०२२ को प्रार्थिनी के अनुनय विनय पर डिस्चार्ज किया गया प्रार्थिनी और उसके भाई को इस लिए बेइज्जत किया गया क्योकि वे मनमाने प्रभारो का विरोध कर रहे थे उसका वीडियो क्लिप गौहनिया पुलिस चौकी इंचार्ज जो की प्रकरण में जांच अधिकारी भी है को उपलब्ध करा दिया गया है उनके द्वारा यूज़ किया गया मोबाइल नंबर ९५५५३२८७२५ जिस पर व्हाट्स ऍप चलता है उस पर भेजा हुआ है जिस लिंक को उन्होंने देखा भी है महोदय ४७२१६ रुपये आठ दिन के इलाज का है जांच अधिकारी श्री मिश्रा जी जब पांच ही दिन इलाज हुआ है तो आप छह और आठ दिन की बात क्यों कर रहे है श्री मान जी जब आठ से छह दिन करने में इतनी बेइज्जत हुई वंदना सिंह तो जान बची लाखो पाए लौट के बुद्धू घर पर आये श्री मान जी वीडियो को देखिये गौहनिया में पुलिस का राज है या सहारा नर्सिंग होम के मालिक का राज है श्री मान जी तीन हजार रुपये प्रति दिन बेड का चार्ज है अर्थात नौ हजार यही घट गया १ हजार पर प्रति दिन डॉक्टर का चार्ज है तीन हजार वही घट जाएगा अर्थात १२ हजार सीधे घट जाएगा शिकायत के साथ रशीद लगा हुआ है चुकी इस फीडबैक के साथ प्रकरण वरिष्ठ अधिकारी को प्रेषित हो जाएगा इस लिए वे अपना व्हाट्स ऍप नंबर उपलब्ध करा दे जिससे उनको वीडियो क्लिप उपलब्ध करा दिया जाय

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