Whether government of Yogi Aditya Nath will take action on the corruption of L.D.A.?





 

संदर्भ संख्या : 60000210036255 , दिनांक - 24 Feb 2021 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण :

शिकायत संख्या:-

60000210036255

आवेदक का नाम-

Yogi M P Singh

विषय-

An application under Article 51 A of the constitution of India. संदर्भ संख्या : 60000210010604 , दिनांक – 13 Feb 2021 तक की स्थिति आवेदनकर्ता का विवरण : शिकायत संख्या:-60000210010604 आवेदक का नाम- Yogi M P Singh In the aforementioned matter, an arbitrary report submitted by the public authority Lucknow Development Authority even when the matter concerns the deep rooted corruption. Detail attached to grievance to take appropriate action in the matter as requires under the law. If necessary contact me on my my mobile number-7379105911. Please adopt cogent approach in the matter. प्रकरण का सम्बन्ध 0प्र0 सरकार से नहीं है महोदय यह शब्द और वाक्य यह बता रहे है की उत्तर प्रदेश में कानून का राज्य नहीं है क्यों की हर नौकरशाह अपने आप की नौकर तो समझता ही नहीं है अरे आप जनता के सेवक है और सेवा के धर्म को समझिये मनमाना करने से कुछ भी हासिल नहीं The matter concerns the deep rooted corruption and joint secretary in the office of Yogi Adityanath disposing of grievance so negligently. सोचिये एक गरीब आदमी पांच प्लाट खरीद कर एक मकान बनाएगा जो की पूर्ण रूप से अबैध और अप्राकृतिक है किन्तु लखनऊ विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रस्टाचार से ऐसा संभव हो रहा है प्रार्धना पत्र के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण के तीन इकरार नामा लगे है जो बाबू सिंह उसकी पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी और कनिष्क कुमार सिंह के है जिसको उपरोक्त प्राधिकरण के कर्मचारी शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी द्वारा सम्पादित किया गया है Whether there is honesty in the government of Uttar Pradesh? Undoubtedly it reflects the rampant corruption in the government machinery. Most surprising is that office of the chief minister of the Government of Uttar Pradesh is also acting in the support of this act of corruption. Everyone knows that Lucknow development authority is a bastion of corrupt people which is the root cause time and again enquiry was carried out by the governments of Uttar Pradesh by various parties only to share the black income earned by them.

विभाग -

विकास प्राधिकरण

शिकायत श्रेणी -

नियोजित तारीख-

10-03-2021

शिकायत की स्थिति-

स्तर -

विकास प्राधिकरण

पद -

उपाध्यक्ष

प्राप्त रिमाइंडर-

प्राप्त फीडबैक -

दिनांक को फीडबैक:-

फीडबैक की स्थिति -

संलग्नक देखें -

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नोट- अंतिम कॉलम में वर्णित सन्दर्भ की स्थिति कॉलम-5 में अंकित अधिकारी के स्तर पर हुयी कार्यवाही दर्शाता है!

अग्रसारित विवरण :

क्र..

सन्दर्भ का प्रकार

आदेश देने वाले अधिकारी

प्राप्त/आपत्ति दिनांक

नियत दिनांक

अधिकारी को प्रेषित

आदेश

स्थिति

1

अंतरित

लोक शिकायत अनुभाग -3( मुख्यमंत्री कार्यालय )

23-02-2021

10-03-2021

उपाध्यक्ष-लखनऊ,विकास प्राधिकरण

कृपया शीघ्र नियमानुसार कार्यवाही किये जाने की अपेक्षा की गई है।

कार्यालय स्तर पर लंबित




Grievance Status for registration number : GOVUP/E/2021/09185

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
Yogi M P Singh
Date of Receipt
21/02/2021
Received By Ministry/Department
Uttar Pradesh
Grievance Description
An application under Article 51 A of the constitution of India.
संदर्भ संख्या : 60000210010604 , दिनांक – 13 Feb 2021 तक की स्थिति

आवेदनकर्ता का विवरण : शिकायत संख्या:-60000210010604

आवेदक का नाम- Yogi M P Singh
In the aforementioned matter, an arbitrary report submitted by the public authority Lucknow Development Authority even when the matter concerns the deep rooted corruption.
Detail attached to grievance to take appropriate action in the matter as requires under the law.
If necessary contact me on my my mobile number-7379105911. Please adopt cogent approach in the matter.
प्रकरण का सम्बन्ध उ0प्र0 सरकार से नहीं है महोदय यह शब्द और वाक्य यह बता रहे है की उत्तर प्रदेश में कानून का राज्य नहीं है क्यों की हर नौकरशाह अपने आप की नौकर तो समझता ही नहीं है अरे आप जनता के सेवक है और सेवा के धर्म को समझिये मनमाना करने से कुछ भी हासिल नहीं The matter concerns the deep rooted corruption and joint secretary in the office of Yogi Adityanath disposing of grievance so negligently.
सोचिये एक गरीब आदमी पांच प्लाट खरीद कर एक मकान बनाएगा जो की पूर्ण रूप से अबैध और अप्राकृतिक है किन्तु लखनऊ विकास प्राधिकरण में व्याप्त भ्रस्टाचार से ऐसा संभव हो रहा है प्रार्धना पत्र के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण के तीन इकरार नामा लगे है जो बाबू सिंह उसकी पत्नी आराधना उर्फ गुड्डी और कनिष्क कुमार सिंह के है जिसको उपरोक्त प्राधिकरण के कर्मचारी शीतला पाल सिंह सहायक नगर अधिकारी द्वारा सम्पादित किया गया है
Whether there is honesty in the government of Uttar Pradesh?
Undoubtedly it reflects the rampant corruption in the government machinery. Most surprising is that office of the chief minister of the Government of Uttar Pradesh is also acting in the support of this act of corruption.
Everyone knows that Lucknow development authority is a bastion of corrupt people which is the root cause time and again enquiry was carried out by the governments of Uttar Pradesh by various parties only to share the black income earned by them.
Grievance Document
Current Status
Under process
Date of Action
21/02/2021
Remarks
Grievance received by Subordinate Organisation from Web API
Officer Concerns To
Officer Name
Shri Arun Kumar Dube
Officer Designation
Joint Secretary
Contact Address
Chief Minister Secretariat U.P. Secretariat, Lucknow
Email Address
sushil7769@gmail.com
Contact Number
0522 2226349



Comments

  1. Where is good governance in this largest populous state of largest democracy in the world? Action is not being taken against the wrongdoers.
    Whether there is honesty in the government of Uttar Pradesh?
    Undoubtedly it reflects the rampant corruption in the government machinery. Most surprising is that office of the chief minister of the Government of Uttar Pradesh is also acting in the support of this act of corruption.

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  2. What a tradition they have setup that neither they are providing information under Right to Information act 2005 nor redressing the grievances by pursuing the appropriate norms. Undoubtedly it is the reflection of Anarchy in the government machinery.

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  3. बहुत आश्चर्य है कि एक ही महिला को 5 आवास दे दिए गए जबकि वे आवास गरीबों के लिए आए थे विशेष रुप से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए क्या लखनऊ विकास प्राधिकरण पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार के गर्त में जा चुका है क्योंकि शिकायत के बावजूद भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रहे हैं लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष

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